दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में कोलकाता स्थित पार्टी के हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया। बागी गुट ने दावा किया कि टीएमसी के असली गुट वो हैं।
उन्होंने कार्यालय के सामने एक बैनर भी लगाया, जिसमें ममता बनर्जी की जगह अरूप राय को पार्टी का अध्यक्ष बताया गया। दिलचस्प बात को यह है कि बिल्डिंग के मालिक मोनोतोश साहा ने पहले ही टीएमसी (ममता गुट) को बिल्डिंग खाली करने को कहा था।
2022 से बना हुआ है पार्टी हेडक्वार्टर
टीएमसी का यह मेट्रोपॉलिटन कार्यालय 2022 से पार्टी का हेडक्वार्टर बना हुआ है। ईएम बाईपास के पास स्थित पार्टी के पुराने कार्यालय को पुनर्निमार्ण के लिए वापल लिए जाने के बाद टीएमसी यहां शिफ्ट हो गई थी।
बागी गुट के विधायकों ने मीटिंग भी की
ममता गुट के साथ बढ़ते तकरार के बीच बागी विधायकों ने ऑफिस में आकर अपनी पहचान को मजबूत बनाने की कोशिश की है। ऋतब्रत बनर्जी, फिरहाद हकीम, जावेद खान, संदीपन साहा और अखरुज्जमां जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ ऑफिस पहुंचे और वहां एक मीटिंग की। उस समय, ममता के नेतृत्व वाले गुट की नेता और पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य वहां थीं, लेकिन ऋतब्रत और अन्य लोगों के परिसर में प्रवेश करने के बाद वह वहां से निकल गईं।
मेन गेट के ताले की चाबी हमारे पास ही रहेगी- बागी विधायक
अखरुज्जमां ने कहा, “हम ही असली टीएमसी हैं और यह ऑफिस तृणमूल कांग्रेस का ही है। हमने मकान मालिक से बात कर ली है। यह हमारी पार्टी का ऑफिस है और आगे भी यही रहेगा। मेन गेट के ताले की चाबी हमारे पास ही रहेगी। मैं हमेशा इस ऑफिस में आता रहा हूं। हालांकि, चुनाव के दौरान मैं कई दिनों तक यहां नहीं आ पाया था। काफी समय बाद मैं यहां आया हूं। इसमें कोई अजीब बात नहीं है।”
पुलिस से की है शिकायत- ममता गुट के विधायक
इस पर ममता गुट के TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा, “हमने उन लोगों के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है जिन्होंने आज तृणमूल भवन में घुसपैठ की और उस पर ताला लगा दिया। परिसर में ताला लगाने की कोई जरूरत नहीं थी। पार्टी से निकाले गए सदस्यों को पार्टी ऑफिस में घुसने का कोई अधिकार नहीं है।”
पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश- कुणाल घोष
उन्होंने कहा, “इसके अलावा, हमने इस बारे में पुलिस से अनुरोध किया था। हम आसानी से उनके लगाए ताले को तोड़ सकते थे, लेकिन हमने किसी भी गैर-कानूनी या गैर-जिम्मेदाराना काम से परहेज किया। हालांकि हमने पुलिस से अपील की थी, लेकिन उन्होंने घुसपैठियों को परिसर में ताला लगाने दिया और फिर उस ताले की सुरक्षा के लिए पहरा दिया। जब हमने पुलिस से अंदर जाने में मदद मांगी, तो स्थानीय पुलिस, RAF और केंद्रीय बल बस वहीं खड़े रहे। यह तृणमूल पार्टी को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश है। बंगाल की जनता और तृणमूल कार्यकर्ता सब कुछ देख रहे हैं।”
मकान मालिक ने ममता गुट से बिल्डिंग खाली करने को कहा था
इससे पहले, तृणमूल भवन के मकान मालिक मोनोतोश साहा ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के साथ रेंट एग्रीमेंट 2025 में खत्म हो गया था। एक साल बीत जाने के बाद भी पार्टी ने बिल्डिंग खाली नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के नतीजे आने के बाद, उन्होंने पार्टी नेताओं से बिल्डिंग खाली करने को कहा था। हालांकि, उन्हें टीएमसी की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।
पहले ही एग्रीमेंट रिन्यू कर दिया- बागी गुट
बागी गुट ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने (मकान मालिक) पहले ही एग्रीमेंट रिन्यू कर दिया है और यह पार्टी हेडक्वार्टर के तौर पर काम करेगा।
चुनाव आयोग ने दोनों गुट को लिखा पत्र
टीएमसी के बागी गुट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व पर अपना दावा पेश किया। इस बैठक की ममता बनर्जी खेमे ने कड़ी आलोचना की; उनका कहना था कि पार्टी से निकाले गए नेताओं को चुनाव आयोग के सामने पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है।
हालांकि, बाद में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को पत्र लिखकर कहा कि वे संगठनात्मक चुनावों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और पार्टी पर नियंत्रण से जुड़े अपने दावे और जवाबी दावे 6 जुलाई को शाम 5.30 बजे तक पेश करें।
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पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने TMC के 10 विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल साथ गुरुवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की। यह मुलाकात पार्टी निधि के स्वामित्व को लेकर थी। प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थिति चुनाव आयोग के मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
