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अपने ही कमेंट पर फंस गए प्रशांत किशोर, हुआ सवाल- ट्रोल आर्मी के जनक आप ही हैं? दिया ये जवाब

बंगाल में प्रशांत किशोर तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी के लिए चुनाव प्रचार की योजना तैयार करने में शामिल रहे हैं, उन्होंने कहा है कि भाजपा की 100 सीटें आईं, तो वे भविष्य में रणनीतिकार का काम छोड़ देंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के रणनीतिकार हैं प्रशांत किशोर। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर भाजपा की राह मुश्किल करते नजर आ रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव और इसके बाद अलग-अलग विधानसभा चुनावों में प्रशांत किशोर ने अपने प्रचार के तरीकों और डिजिटल मीडिया के इस्तेमाल से सुर्खियां बटोरी हैं। हाल ही में जब एक इंटरव्यू में आत्मविश्वास से भरे प्रशांत किशोर से कहा गया कि बंगाल चुनाव में अगर आपकी बाजी उल्टी पड़ गई तो आईटी सेल आपके पीछे पड़ जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि मेरे जीवन पर ट्रोल का कोई असर नहीं होगा। इनमें से कई को इस स्पेस में मैं ही लाया हूं।

किस सवाल पर फंसे प्रशांत किशोर?: इंडिया टुडे के इंटरव्यू में एंकर राहुल कंवल ने प्रशांत किशोर से पूछा था कि क्या आपको लगता है कि कोई आपसे बेहतर है? इस पर किशोर ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव फैसला कर देगा कि कौन बेहतर है। इसी पर एंकर ने प्रशांत किशोर के अति-आत्मविश्वास पर तंज कसते हुए कहा कि अगर यह सब उल्टा हो गया, तो यह बहुत वायरल होगा, इसके मीम्स बनेंगे। पूरा आईटी सेल आपके पीछे पड़ जाएगा।

क्या रहा प्रशांत किशोर का जवाब?: एंकर के इस मजाक पर प्रशांत किशोर ने कहा, “पूरी आईटी सेल पीछे पड़ जाए, पूरी दुनिया पड़ जाए, अगर मुझे अपनी किसी बात से पलटना पड़े, तो मुझे उस बारे में चिंता होगी। मेरे जीवन को ट्रोल आर्मी नहीं निर्धारित करेगी। इनमें से कई को इस स्पेस में मैं ही लाया हूं।”

अपने बयान पर सफाई भी दी: प्रशांत किशोर के इस बयान पर एंकर ने उन्हें तुरंत घेरते हुए पूछा कि इसका मतलब है कि ट्रोल आर्मी के जनक आप ही हैं? इस पर किशोर ने सफाई में कहा, “मैं डिजिटल मीडिया के इस्तेमाल की शुरुआत की बात कर रहा था, जो कि अब विकृत हो गई है। मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि ऐसा नहीं है कि मैं नहीं जानता कि ट्रोल आर्मी और सोशल मीडिया वॉरियर्स मेरे साथ क्या कर सकते हैं, लेकिन मैं इससे नहीं डरता।”

बंगाल-तमिलनाडु में प्रमुख पार्टियों की रणनीति कर रहे तैयार: दरअसल, बंगाल में प्रशांत किशोर तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी के लिए चुनाव प्रचार की योजना तैयार करने में शामिल रहे हैं, जबकि तमिलनाडु में वे भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन के विपक्ष में खड़ी स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके के साथ हैं। हाल ही में उन्होंने बंगाल चुनाव पर कहा था कि अगर बीजेपी को बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें मिलती हैं तो वो भविष्य में राजनीतिक रणनीतिकार का काम ही छोड़ देंगे। पीके ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में TMC के खिलाफ गुस्सा हो सकता है लेकिन अभी भी ममता बनर्जी ही सबसे बड़ा और विश्वसनीय चेहरा हैं।

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