टीएमसी नेता शौकत मोल्ला के बेटे के कैफे को बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर यह कैफे बनाया गया था। यह कैफे पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में था।

सरकारी अफसरों ने दावा किया कि शौकत मोल्ला के परिवार को इस बारे में कई बार नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया था कि इस अवैध निर्माण को हटा लिया जाए। मोल्ला के परिवार को 29 जून तक अवैध निर्माण को हटाने की चेतावनी दी गई थी। जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो इसके बाद प्रशासन को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी।

सरकारी अफसरों के अनुसार, यह कैफे Aranayer Kule नाम से चल रहा था और मतला नदी पर अतिक्रमण कर इसे अवैध रूप से बनाया गया था। शौकत मोल्ला के बेटे इमरान मोल्ला इस कैफे को चलाते थे।

कैफे को गिराने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था। कैफे को गिराए जाने को लेकर मोल्ला के परिवार का कोई बयान नहीं आया है।

एनआईए ने किया था मोल्ला को गिरफ्तार

शौकत मोल्ला को पिछले महीने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी इस साल मार्च में एक बम विस्फोट के मामले में हुई थी। इससे पहले एनआईए ने मोल्ला के घर की तलाशी ली थी।

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पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर नगर निगम से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।