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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जिनकी हुई थी तारीफ़, केरल की नई सरकार में कैबिनेट से बाहर हो सकती हैं केके शैलजा

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को छोड़कर सभी नए मंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अलावा पहले के एलडीएफ मंत्रालय में से कोई भी नए एलडीएफ मंत्रालय का हिस्सा नहीं होंगे ।

शैलजा ने केरल के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कोरोनोवायरस प्रकोप से निपटने के लिए सराहनीय काम किया था। (express file)

केरल में हाल में ही विधानसभा चुनाव संपन्न हुए है। जिसके बाद से ही वहां से मंत्रिमंडल के गठन के बारे में कई प्रकार के कयास लगाए जा रहे है। पिछले कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री रही केके शैलजा को इस बार वाम नेतृत्व वाली पार्टी के मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगी । आपको बता दें कि के के शैलजा ने केरल के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कोरोनोवायरस प्रकोप से निपटने के लिए सराहनीय काम किया था ।

एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि एलडीएफ ने दशकों पुरानी परंपरा को खत्म करते हुए फिर से चुनाव लड़ा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को छोड़कर सभी नए मंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अलावा पहले के एलडीएफ मंत्रालय में से कोई भी नए एलडीएफ मंत्रालय का हिस्सा नहीं होंगे । यह हमारी पार्टी का फैसला है। सीपीएम विधायक एएन शमशीर ने एनडीटीवी को बताया कि केवल हमारी पार्टी में ऐसा करने का साहस है। किसी शीर्ष कलाकारों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी। हम चाहते हैं नए चेहरे मंत्रिमंडल का हिस्सा बने।

केके शैलजा जिन्हे टीचर शैलजा के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने हाल के केरल चुनाव में सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की थी, जिसमें एलडीएफ गठबंधन एक दशक पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए सत्ता में वापसी की है । उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र मत्तनूर से 60,000 से अधिक मतों से जीत हासिल की।

केरल में कोविड के प्रकोप से निपटने के लिए उन्हें “रॉकस्टार” स्वास्थ्य मंत्री के रूप में देखा जाने लगा, जिसने पहली लहर में वायरस के प्रसार की जाँच करने में शुरुआती सफलताएँ हासिल कीं। केंद्र सरकार ने भी वायरस के संकट से निपटने के उनके तरीके की सराहना की थी।

कोरोना ही नहीं के के शैलजा राज्य में निफा वायरस के संक्रमण को रोकने में भी कामयाब रही हैं। केरल में साल 2018 और 2019 में निफा वायरस के संक्रमण की खबरे आयी थी । उनके काम की सरहाना विदेशों में भी की गयी है।

अपनी जीत पर एनडीटीवी से बात करते हुए के के शैलजा ने कहा था कि मैं फिर से स्वास्थ्य मंत्री बनूंगी या नहीं , कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया जाएगा। इसलिए मैं इसके बारे में अभी कुछ नहीं कह सकती । उन्होंने ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि मैं यह बताना चाहती हुईं कि हमने अपने कार्यकाल के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया। हमारे यहाँ विनाशकारी तूफान, बाढ़, निपाह वायरस और COVID-19 महामारी थी लेकिन हम हर बार इसे निपटने की भरपूर कोशिश की । हमने पिछले कार्यकाल में जो कार्य किया है उसी से खुश होकर लोगों ने हमे वापस सत्ता दी है ।

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