दिल्ली की तिहाड़ सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी ने कड़ी सुरक्षा के बीच शादी रचाई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कैदी पर छह लोगों की हत्या का आरोप है और वह तिहाड़ सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि कैदी का नाम वाजिद है और उसने कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मेरठ स्थित अपने पैतृक गांव में शादी रचाई है।

दिल्ली पुलिस लेकर पहुंची मेरठ

उन्होंने बताया कि वाजिद को पैरोल और सीमित अवधि के लिए विशेष अनुमति मिलने के बाद सोमवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम तिहाड़ जेल से समोली गाँव लेकर पहुंची। पुलिस टीम सबसे पहले सुबह दौराला पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां वाजिद को उसके गांव ले जाने से पहले कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।

पुलिस के अनुसार, निकाह की रस्म मेरठ के पावती अफजलपुर की रहने वाली यास्मीन के साथ, रिश्तेदारों और कुछ चुनिंदा मेहमानों की मौजूदगी में संपन्न हुई। समारोह के दौरान ग्रामीणों और आस-पास के इलाकों से आए लोगों में काफी उत्सुकता देखने को मिली।

रस्में पूरी होने के बाद पुलिस दिल्ली ले आई

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और कार्यक्रम पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम के साथ-साथ स्थानीय पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। पीटीआई को दौराला के सर्किल ऑफिसर प्रकाशचंद अग्रवाल ने बताया कि रस्में पूरी होने के बाद पुलिस टीम वाजिद को वापस राष्ट्रीय राजधानी ले गई।

10 साल पहले दिल्ली के एक बड़े कारोबारी की हत्या की थी

दिल्ली के कारोबारी मुस्लिम त्यागी और उनके परिवार के पांच सदस्यों की हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में वाजिद पिछले करीब एक दशक से जेल में बंद है।

यह मामला तब सुर्खियों में आया था, जब करीब 10 साल पहले पीड़ितों की हत्या कर दी गई थी और कथित तौर पर उनके शव अलग-अलग जगहों पर छिपा दिए गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें वाजिद भी शामिल था, जिसे बाद में कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

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जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के पूर्व अलगाववादी नेता यासीन मलिक को 1990 में वायुसेना के चार अधिकारियों की हत्या के मामले में बड़ा झटका लगा है। दो प्रमुख चश्मदीदों ने जम्मू की एक आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (टाडा) अदालत में गवाही दी, जिसमें यासीन मलिक की पहचान उस हमले के मुख्य शूटर के रूप में हुई, जिसमें स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना समेत वायुसेना के चार जवान मारे गए थे और 22 अन्य घायल हो गए थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें