मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार को दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह गोलीबारी सुबह करीब छह बजे लेइलोन वाइफेई और कोंसखुल गांवों के पास हुई।

इस दौरान दो आदिवासी समुदायों से जुड़े हथियारबंद लोगों ने कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में एक-दूसरे पर गोलीबारी की।

घायल हुए सभी लोग कुकी समुदाय के हैं जिन्हें सुरक्षा बलों ने इलाज के लिए इंफाल स्थित क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया है। मणिपुर हिंसा से प्रभावित है। मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई, 2023 से जातीय संघर्ष जारी है। 

अधिकारियों ने बताया कि घायलों की पहचान जेन्लेनमांग वैफेई (18), लुनलियंदाव वैफेई (20) और पाओगौ लाल (18) के रूप में हुई है। इस बीच, अस्पताल परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।

गोलीबारी की घटना में घायल हुए कुकी समुदाय के तीनों लोगों को जब अस्पताल लाया गया तो वहां पहले से मौजूद लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इस घटना में कुकी समुदाय के प्रतिद्वंद्वी गुट ही शामिल हैं।

ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एएनएसएएम) के नेता टीपी डाइनिंग ने आरोप लगाया कि कुकी उग्रवादी समूहों को समर्थन देने में केंद्र और राज्य सरकारों की मिलीभगत से एक बड़ी साजिश रची जा रही है। डाइनिंग ने हाल ही में हुई छह नागा नागरिकों की हत्या का भी मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि हत्या की इस घटना में कुकी उग्रपंथी शामिल थे।

हिंसा की चपेट में है मणिपुर

मणिपुर तीन साल से हिंसा की चपेट में है। मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। लगातार झड़पों और हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। राज्य में 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। इसे करीब एक साल बाद इस साल चार फरवरी को हटा लिया गया।

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मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच बढ़ा तनाव अब आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डालने लगा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।