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सख्त सजा: ट्रेन में महिलाओं से छेड़छाड़ पर 3 साल की सजा का प्रस्ताव, जुर्माने की राशि भी बढ़ाई जाएगी

आरपीएफ ने महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने वाले पुरुषों के लिए जुर्माने की राशि 500 से बढ़ाकर 1000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है।

Author Updated: September 24, 2018 10:17 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ट्रेन में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के लिए तीन वर्ष जेल की सजा का प्रस्ताव दिया है। आरपीएफ ने महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने वाले पुरुषों के लिए जुर्माने की राशि 500 से बढ़ाकर 1000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है। बल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे अधिनियम में शामिल किए जाने के लिए आरपीएफ द्वारा प्रस्तावित नए प्रावधानों में एक प्रावधान यह भी है कि ट्रेन में महिला के साथ छेड़छाड़ करने के लिए दोषी को तीन वर्ष जेल की सजा हो सकती है। अधिनियम में संशोधन किए जाने का यह प्रस्ताव यदि मंजूर हो जाता है तो एक महिला की अस्मिता को ठेस पहुंचाने के लिए सजा भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) के तहत दी जाने वाली सजा की तुलना में रेलवे अधिनियम के तहत ज्यादा हो जाएगी।

आइपीसी के तहत अधिकतम एक वर्ष जेल की सजा का प्रावधान है। अधिकारी ने बताया कि रेलगाड़ियों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मद्देनजर आरपीएफ ने रेलवे अधिनियम में शामिल करने के लिए कुछ प्रावधानों का प्रस्ताव दिया है जिसमें राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की मदद के बिना इस तरह के आरोपियों को पकड़ने का अधिकार उन्हें दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर बार ऐसा मामला सामने आता है जहां एक महिला पर हमला किया गया या हम पाते हैं कि पुरुष, महिलाओं के डिब्बों में यात्रा कर रहे हैं तो हमें जीआरपी की मदद लेनी पड़ती है क्योंकि रेलवे अधिनियम में इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। अधिकारी ने कहा, ‘हमने इन प्रावधानों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है ताकि हम तेजी से कार्रवाई कर सकें और हमें जीआरपी की मदद न लेनी पड़े।’

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया था कि रेलगाड़ियों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या 2014-2016 के दौरान 35 फीसद तक बढ़ी है। साल 2014-2016 के दौरान रेलगाड़ियों में महिला यात्रियों के खिलाफ अपराध के 1,607 मामले सामने आए। साल 2014 में इस तरह के 448 मामले, 2015 में 553 और 2016 में 606 मामले दर्ज हुए हैं। आरपीएफ ने महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने वाले पुरुषों के लिए जुर्माने की राशि को भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। जुर्माना 500 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने प्रस्तावित संशोधनों की पुष्टि की है।

बलात्कार मामलों की जांच के लिए मिलेगी विशेष किट
देश में पुलिस थानों को बलात्कार के मामलों की जांच के लिए जल्द ही विशेष किट मिलेंगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यौन हमला साक्ष्य संग्रह किट (एसएईसीके) या बलात्कार जांच किट को यौन हमले और बलात्कार के मामलों में साक्ष्य प्रस्तुत करने में तत्काल चिकित्सा-कानूनी जांच और सहायता के लिहाज से डिजाइन किया गया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस पायलट परियोजना के तहत मंत्रालय शुरुआत में 3,960 एसएईसीके खरीदेगा और इस तरह की 100 किट को प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को दिया जाएगा। इन 3,960 किट की खरीद के लिए लागत 79.20 लाख रुपए आने का अनुमान है जबकि अन्य 4.91 करोड़ रुपए पुलिसकर्मियों और स्थानीय अस्पतालों के चिकित्सा स्टाफ को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में खर्च किए जाएंगे। पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों को इन किट के इस्तेमाल के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। देश में 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 15,640 पुलिस थाने हैं।

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