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छत्तीसगढ़: गोमांस बेचने और खरीदने के आरोप के तीन लोग गिरफ्तार

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने मांस को तत्काल वेटनरी प्रयोगशाला भेजा, जहां उसके गोमांस होने की पुष्टि की गई।

Author October 11, 2017 16:16 pm
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने गोमांस बेचने और खरीदने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जशपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने आज ‘भाषा’ को टेलीफोन पर बताया कि जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के नांदूटोली कुरमुरा गांव से मंगलवार को गोमांस बेचने और खरीदने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों की पहचान सरफराज हुसैन (30), गुलाब महली (27) और पास्कल मिंज (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके वाहन (मारूति वैन) से 80 किलोग्राम गोमांस बरामद किया है।

नारायणपुर थाना की प्रभारी अनिता प्रभा मिंज ने बताया कि ग्रामिणों से पुलिस को कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सरफराज हुसैन और गुलाब महली को गिरफ्तार कर लिया। बाद में मांस खरीदने वाले पास्कल मिंज को गिरफ्तार किया गया। पास्कल के घर से भी गोमांस बरामद किया गया है। मिंज ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी पड़ोसी राज्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गोमांस लेकर नांदूटोली कुरमुरा गांव पहुंचे थे। मांस को एक-एक किलोग्राम के प्लास्टिक के थैले में भरकर बेचा जा रहा था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने मांस को तत्काल वेटनरी प्रयोगशाला भेजा, जहां उसके गोमांस होने की पुष्टि की गई। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ कृष्षक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा पांच, छह और दस के तहत गिरफ्तार किया गया है। मिंज ने बताया कि आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि राज्य में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम-2004 प्रभावशील है। इस अधिनियम के तहत खेती के लिए उपयोगी सभी आयु की गायों, बछड़ा-बछिया और पाड़ा-पड़िया, सांड, बैल, भैंस का वध प्रतिबंधित है। इन पशुओं का मांस रखना और वध के प्रयोजन से राज्य के भीतर या राज्य के बाहर किसी भी स्थान पर बिक्री और उनका परिवहन भी प्रतिबंधित है।

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