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मां-बाप और बहन की हत्या, बेटे ने जुर्म कबूला

घटना के बाद मौके पर पहुंचे नई दिल्ली क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त अजय चौधरी ने बताया कि बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि वसंत कुंज के किशनगढ़ में एक घर में चोरी और मारपीट की वारदात हुई है।

मरने वालों में 45 साल के मिथिलेश वर्मा, उनकी पत्नी (40) सिया और 16 साल की बेटी नेहा है।

राजधानी दिल्ली में बुधवार को दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई। दक्षिणी दिल्ली के किशनगढ़ में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि उस परिवार के 19 साल के बेटे सूरज पर ही है। आरोपी बेटे का पढ़ाई में मन नहीं लगता था और पिता इस बात पर उसे डांटते रहते थे। बेटे ने पिता की मर्जी के खिलाफ दोस्तों के साथ एक कमरा भी किराए पर ले लिया था। जिसमें वह मौज-मस्ती करता था। पुलिस ने जब संदेह के आधार पर उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात मान ली। हालांकि घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बेटे को भी घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। घटना सुबह करीब पांच बजे के आसपास की है। मरने वालों में 45 साल के मिथिलेश वर्मा, उनकी पत्नी (40) सिया और 16 साल की बेटी नेहा है। बाद में उसे ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। शुरू में पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ले गई।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे नई दिल्ली क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त अजय चौधरी ने बताया कि बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि वसंत कुंज के किशनगढ़ में एक घर में चोरी और मारपीट की वारदात हुई है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मामला दूसरा ही निकला। यहां मिथलेश वर्मा, उनकी पत्नी और बेटी की खून से लथपथ लाश पड़ी हुई थी और बेटा घायल हालत में पड़ा हुआ था। बेटे की अंगुली में चोट के निशान थे। तुरंत फोरेसिंक टीम, खोजी कुत्ते और स्थानीय पुलिस की टीम ने साक्ष्य लेकर जांच शुरू कर दी। घर में लूटपाट जैसी कोई वारदात नहीं हुई थी। पर सामान अस्त व्यस्त जरूर था। घर का तिजोरी सुरक्षित थी।

हत्या के लिए रसोई में रखा चाकू प्रयोग किया गया था। यह चाकू बरामद हो गया। इससे यह भी संदेह गया कि अगर हत्यारे ने खुद हथियार लाया तो फिर वारदात के बाद उसने हथियार छोड़ कैसे दिया? घर में प्रवेश दोस्ताना लग रहा है। संदेह के दायरे में जो भी लोग आए उन्हें जांच के घेरे में लिया गया। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि मिथिलेश के बेटे का कुछ दिन पहले अपहरण हुआ था। बाद में उसे उत्तर प्रदेश के मोदीनगर से छुड़ा लिया गया था। पेशे से सिविल ठेकेदार (कांट्रेक्टर) मिथिलेश जिस बिल्डिंग में रहता था उममें 6 फ्लैट हैं। ऊपर के फ्लैट में किराएदार रहते हैं। लेकिन पड़ोसियों को हादसे की भनक तक नहीं लगी।

रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया है कि यह परिवार मूलरूप से कन्नौज का रहने वाला था। बताया गया कि घटनास्थल पर सबसे पहले घरेलू सहायिका पहुंची थी। जबकि इससे पहले तड़के कुछ शोर गुल पड़ोसियों को सुनाई पड़ा था। सहायिका ने पाया कि घर का दरवाजा पहले से ही खुला हुआ था। उसने अंदर जा कर देखा तो पति-पत्नी और उनकी बेटी का खून से सना हुआ शव फर्श पर पड़ा था जबकि नजदीक ही दंपती का बेटा घायल पड़ा था। वह डर के मारे घर के बाहर भाग गई। बाहर जाकर उसने इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों और पुलिस को दी। पुलिस ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बताया है कि प्रथम दृष्टया सोची समझी साजिश लग रही थी और अपनों पर ही हत्या का संदेह था।

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