ताज़ा खबर
 

सांभर झील के किनारे मृत मिले हजारों प्रवासी पक्षी, रहस्य सुलझाने में जुटी मेडिकल टीम

भारत के सबसे बड़े लेक सांभर झील में करीब 5000 प्रवासी पक्षियों की मौत की बात सामने आई है। मामले की जांच कर रही मेडिकल टीम ने मरे हुए पक्षियों के शव और झील की पानी के सैंपल को जांच करने के लिए भोपाल भेजा है।

Author जयपुर | Updated: November 12, 2019 5:42 PM
सांभर झील के किनारे मृत प्रवासी पक्षी (फोटो सोर्स: ANI)

राजस्थान के सांभर झील में हजारों प्रवासी पक्षियों की अचानक मौत का मामला सामने आया है। भारत के सबसे बड़े खारे पानी की झील में हुए इस हादसा ने सभी को चौंका दिया है। आधिकारिक टोल के मुताबिक करीब 1500 पक्षियों की मौत हुई है लेकिन स्थानियों का मानना है कि यह आकड़ा करीब 5000 है। मरने वाले पक्षियों में प्लोवर, कॉमन कूट, काले पंखों वाला स्टिल्ट, उत्तरी फावड़े, सुर्ख शेल्ड आदि भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में मौत के पीछे का कारण जहरीली पानी बताया जा रहा है। वहीं फॉरेस्ट रेंजरों का मानना है कि उनके मौत का कारण ओला और आंधी भी हो सकता है। मामले की जांच कर रही मेडिकल टीम ने मरे हुए पक्षियों के शव और झील की पानी के नमूने को भोपाल जांच के लिए भेजा है।

क्या है पूरा मामलाः देश के सबसे बड़े खारे पाने की झील संभार लेक में कई प्रवासी पक्षियां मरे पाए गए। बता दें कि सांभर झील में हर साल लाखों पक्षी आते हैं। इनमें राजहंस, गार्गाने, गुल्स आदि पक्षियों की प्रजाति ज्यादा पाए जाते हैं। फॉरेस्ट रेंजर राजेंद्र झाकर के मुताबिक, हर साल इस झील में करीब 50,000 राजहंस और 1 लाख वेडर आते हैं। वहीं स्थानियों के अनुसार, जब वे रविवार (10 नवंबर) को झील के पास गए तो उन्हें हजारों पक्षियां मरे मिले। झील के साथ उसके आसपास में भी मरे हुए पक्षी पाए गए। स्थानियों ने करीब 5 हजार पक्षियों की मौत की बात भी कही है।

Hindi News Today, 12 November 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरें पढने के लिए यहां क्लिंक करे

मौत का कारणः मामले पर बयान देते हुए फॉरेस्ट रेंजर झाकर ने बताया कि इनके मौत के पीछे का कारण जहरीली पानी, ओला-आंधी या बर्ड फ्लू हो सकता है। वहीं इसकी जांच कर रहे मेडिकल की टीम ने किसी ठोस खुलासा करने से अभी इंकार किया है। पशुपालन विभाग के नोडल अधिकारी आरजी उज्ज्वल ने इस हादसा को रहस्यमय आपदा बताया है।

नमूने भेजे गए भोपालः मामले की जांच कर रही मेडिकल टीम ने सैंपलों की जांच के लिए उन्हें भोपाल भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, कुल 699 को दफनाया गया है। बता दें कि पिछले हफ्ते इस तरह का एक और मामला सामने आया था जहां जोधपुर के खीचन इलाके में 37 डेमोएसेल क्रेन के मरने की बात सामने आई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 वीडियोः कार्तिक पूर्णिमा पर छत्तीसगढ़ CM भूपेश बघेल ने गुलाटी मारकर लगाई डुबकी, देखते रहे गए देखने वाले
जस्‍ट नाउ
X