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चारमीनार नहीं, अयोध्या द्वार करेगा सूरजकुंड मेले में स्वागत

मेले के दिल्ली प्रवेश द्वार पर इस बार हैदराबाद की चारमीनार की जगह श्रीराम द्वार बनाया गया है। इस पर 27 फुट लंबा धनुष लगाया गया है। मेले में दोनों चौपालों पर सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों की भरमार रहेगी।

Author February 1, 2018 3:15 AM
प्रतीकात्म तस्वीर।

अनूप चौधरी

32वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में इस बार उत्तर प्रदेश थीम स्टेट है। मेले में अयोध्या का राम मंदिर, बनारस के घाट और इलाहाबाद के कुंभ मेले की झलक दर्शकों को आकर्षित करेंगे। वहीं, मेले के दिल्ली प्रवेश द्वार पर इस बार हैदराबाद की चारमीनार की जगह श्रीराम द्वार बनाया गया है। इस पर 27 फुट लंबा धनुष लगाया गया है। मेले में दोनों चौपालों पर सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों की भरमार रहेगी। छोटी चौपाल को मथुरा के बरसाने के रंग में रंगा गया है तो बड़ी चौपाल पर अयोध्या के मंदिर को प्रमुखता से दर्शाया गया है। मेले में इस बार करीब 25 देशों के हस्तशिल्पी और लोक कलाकार शिरकत करेंगे। किर्गिस्तान इस बार मेले का भागीदार देश है। सार्क देशों को भी आमंत्रित किया गया है। पाकिस्तान के आने पर अभी संशय बना हुआ है।

इसके अलावा अफ्रीकी और आसियान देशों के कलाकार मेले में शामिल होंगे। दो फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल मेले का उद्घाटन करेंगे। सूरजकुंड में हरियाणा पर्यटन के बड़े होटल राजहंस की सभी कुर्सियों पर केसरिया रंग का खोल चढ़ाया गया है। मेले के हर प्रवेश द्वार पर केसरिया रंग का खास ख्याल रखा गया है। मेले में दिल्ली गेट की तरफ से आने वाले लोगों के स्वागत के लिए भव्य श्रीराम द्वार बनाया गया है। इस पर 27 फुट लंबा रामधनुष बना है। इस पर भगवा झंडा लहराएगा। इतना ही नहीं, जब उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों की कलाकृतियों का अवलोकन करने के लिए दर्शक मेले के अंदर आएंगे तो वे भव्य अयोध्या द्वार से गुजरेंगे। यहां दर्शकों को भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्यानगरी और दीपावली से जुड़े दृश्य भी मिलेंगे। यहां की तैयारियों का जिम्मा खुद उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने संभाला हुआ है। रीता बहुगुणा जोशी रविवार को मेला परिसर की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने भी पहुंची थीं। इससे पहले उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के सभी आलाधिकारी यहां का दौरा कर चुके हैं।

सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। पिछले वर्ष मेले में 12 लाख दर्शक मेला देखने पहुंचे थे और इनमें से एक लाख दर्शक विदेशी थे। अबतक मेले में दिल्ली गेट से आते समय पहले हैदराबाद का चारमीनार दिखाई देता था, लेकिन इस बार पहले श्रीराम मंदिर और रामधनुष के भव्य द्वार के दीदार होंगे। 30 फुट चौड़े इस द्वार की ऊंचाई 25 फुट रखी गई है और इस पर पांच फुट ऊंची श्रीराम पताका फहराई जाएगी। ये द्वार उत्तरप्रदेश सरकार के लिए दिल्ली की शो क्रॉफ्ट प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने तैयार किया है।

हरियाणा के पर्यटन मंत्री रामबिलाश शर्मा ने मेले को लेकर हुई प्रेसवार्ता में बताया कि मेला परिसर में मोक्ष का द्वार कहे जाने वाले भगवान शिव की नगरी वाराणसी के 84 गंगा घाटों की झलक और करीब आठ घाट तुलसी घाट, जानकी घाट, अस्सी घाट, गंगा महल घाट, हरिश्चंद्र घाट, मणिकर्णिका घाट व संगम घाट दिखाई देंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन होंगे और यहां मंदिर के महंत दर्शकों को प्रसाद भी देंगे।

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