बदरीनाथ धाम के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने शुक्रवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हिमाचल प्रदेश निवासी मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो बदरीनाथ धाम के पास लामबगड़ स्थित जेपी पावर वेंचर्स की जल विद्युत परियोजना में सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात था। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, मनोज कुमार चढ़ावा गणना के दौरान अक्सर मंदिर के गणना कक्ष में मौजूद रहता था। दो जुलाई की गणना से जुड़ी CCTV फुटेज की जांच में वह कथित तौर पर बार-बार दान सामग्री में से कुछ सामान उठाकर अपनी जेब में डालता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में चोरी की बात कबूली

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे मनोज कुमार को लामबगड़ स्थित उसके आवास से हिरासत में लिया गया। उसे बदरीनाथ थाने लाकर गहन पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने चढ़ावे की सामग्री चोरी करने की बात स्वीकार की।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी की कुछ सामग्री उसके आवास पर रखी हुई है, जबकि कुछ सामान उसने यात्रियों को बेच दिया और कुछ अपने मेहमानों को उपहार में दे दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने उसके आवास से चोरी का काफी सामान बरामद किया है।

घर से क्या-क्या बरामद हुआ?

SIT के अनुसार, आरोपी के घर से चोरी किए गए आभूषण, सिक्के, प्रतिमाएं और अन्य चढ़ावे की सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा चोरी की गई सामग्री को बेचकर कथित तौर पर मिले 6,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार की है।

चोरी किए सामान की फोटो भी खींचता था आरोपी

जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से चोरी किए गए कई सामान की तस्वीरें भी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मनोज चोरी किए गए प्रत्येक सामान की उसी दिन तस्वीर खींचता था।

बताया गया है कि वह चोरी की सामग्री को एक चादर पर सजाकर उसकी फोटो लेता था। पुलिस ने वह चादर भी बरामद कर ली है। अब SIT मोबाइल फोन में मिली तस्वीरों और बरामद सामग्री के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने सामान की चोरी की गई और उनमें से कितनी सामग्री को बेचा या दूसरों को दिया गया।

कंपनी के अधिकारियों और रिश्तेदारों को दर्शन कराने की जिम्मेदारी

पुलिस के अनुसार, मनोज कुमार बदरीनाथ के समीप लामबगड़ स्थित जेपी कंपनी में सुरक्षा गार्ड था। उसकी एक जिम्मेदारी कंपनी के अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों को बदरीनाथ मंदिर में दर्शन कराने की भी थी। इसी वजह से उसका मंदिर परिसर में आना-जाना था और वह चढ़ावे की गणना के दौरान गणना कक्ष में भी मौजूद रहता था। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान उसे चढ़ावे की सामग्री तक पहुंच मिलती थी और वह सामान चोरी कर लेता था।

2 जुलाई को सामने आया था मामला

बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसके बाद BKTC ने जांच समिति गठित की। शुरुआती जांच के आधार पर चेयरमैन के PA प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया और 13 जुलाई को गिरफ्तार किया गया, जबकि मंदिर के ट्रेजरर संदेश मेहता का तबादला कर दिया गया।

इसके बाद चार सदस्यीय समिति ने 18 पन्नों की रिपोर्ट में ड्रेस कोड, अतिरिक्त CCTV कैमरे, जवाबदेह निगरानी व्यवस्था और गिनती प्रक्रिया में श्रद्धालुओं की भागीदारी जैसे सुझाव दिए। अब तीसरी गिरफ्तारी के बाद SIT यह जांच कर रही है कि चोरी में कितने लोग शामिल थे, यह कब से चल रहा था और चोरी का कितना सामान बेचा या बांटा गया।

यह भी पढ़ें: 50 से अधिक लोगों ने फार्महाउस पर बोला हमला, केयरटेकर से मारपीट, तोड़-फोड़ और फर प्रॉपर्टी पर किया कब्जा

गुरुग्राम से हैरान करने वाली खबर में 50 लोगों ने फार्महाउस पर हमला किया, केयरटेकर से मारपीट की और फिर प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।