उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक रेलवे से सेवानिवृत्त ससुर ने अपनी बहू को जमकर मारा-पीटा। इस दौरान महिला चीखती रही। वो गुहार लगाती रही- ‘बचाओ, यह मुझे मार डालेंगे।’ इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में महिला मदद के लिए गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है, लेकिन आसपास को लोग उसके बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज की रहने वाली पीड़िता की शादी 2020 में कानपुर के आनंद नगर इलाके के हिमांशु दुबे से हुई थी। हिमांशु एक जूता कंपनी में आईटी मैनेजर के रूप में काम करता है, जबकि उसके पिता सुशील दुबे रेलवे विभाग में क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले उसकी शादी के समय से ही उससे भारी दहेज की मांग कर रहे थे। जिसमें दो बीघा जमीन और 20 लाख रुपये नकद शामिल थे। उसने आरोप लगाया कि जब भी उसने विरोध किया और इन मांगों को पूरा करने से इनकार किया तो उसे मारपीट, दुर्व्यवहार और मानसिक यातना का शिकार बनाया गया।

महिला ने कहा कि उसके ससुर सुशील दुबे, सास रमा, जेठ अभिषेक और जेठानी श्रुति ने मिलकर उसे प्रताड़ित किया। कुछ दिन पहले पीड़िता अपने मायके गई थी। शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे वह अपने भाई ऋषिकेश पांडे और भाभी प्रीति पांडे के साथ अपने ससुराल लौट आई।

उसने आरोप लगाया कि जैसे ही उसने दरवाजा खटखटाया और अंदर प्रवेश किया सुशील दुबे क्रोधित हो गया, गालियां देने लगा और बिना किसी उकसावे के उस पर हमला कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उसके ससुर ने उसे जमीन पर गिरा दिया और लातों और घूंसे मारकर बेरहमी से पीटा। उसने आरोप लगाया कि इसके बाद उसने उसके कपड़े फाड़ दिए और उसके प्राइवेट पार्ट पर हमला किया।

पीड़ित महिला ने कहा कि जब आस-पड़ोस के लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसने बताया कि ससुर ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। उसने आगे आरोप लगाया कि उसने उसके बाल पकड़कर उसे घर के अंदर से घसीटकर सड़क पर ले गया। घटना के दौरान महिला लगातार चिल्लाती रही, “मुझे बचाओ… वे मुझे मार डालेंगे।”

पीड़िता ने बताया कि उसकी पांच वर्षीय बेटी घर में मौजूद थी और उसने हमले को देखा। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे और उसे घर में कैद करके रखा गया था। उसने बताया कि उसके शरीर के कई हिस्सों पर गहरी चोटें आई हैं, लेकिन परिवार ने उसे कोई चिकित्सा उपचार प्रदान नहीं किया।

महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुरू में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना की जानकारी मिलने पर एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडे ने मामले का संज्ञान लिया और एफआईआर दर्ज कराई और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

‘मुझे न्याय नहीं मिला…’, नवजात को लेकर लखनऊ हाई कोर्ट की छत पर चढ़ी महिला, घंटों चला ड्रामा; सुरक्षित नीचे उतारा

लखनऊ हाई कोर्ट में शुक्रवार शाम हाई वॉल्टेज ड्रॉमा देखने को मिला। यहां एक महिला अपने नवजात को लेकर पांच मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गई और कूद जाने की धमकी देने लगी। महिला ने चिल्लाते हुए कहा कि मुझे न्याय नहीं मिला। हालांकि, कुछ सुरक्षाकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे अपनी बातों में फंसाए रखा और ध्यान भटकते ही एक महिला एसआई ने उसे रेलिंग से सुरक्षित नीचे खींच लिया। पढ़ें पूरी खबर।