Uttar Pradesh News: 5वीं क्लास के छात्र मोहम्मद एदान ने मई के महीने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने दुख जताया कि मुरादाबाद जिले के उनके शहर बिलारी में बच्चों के लिए कोई पार्क नहीं है और गर्मियों की छुट्टियों में खेलने या समय बिताने के लिए कोई जगह नहीं है।

कुछ हफ्तों के बाद सभी को हैरान करते हुए 10 साल के एदान को जिला प्रशासन के अधिकारियों का फोन आया। उन्होंने बताया कि शहर के लिए एक मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स फैसिलिटी सेंटर का प्रस्ताव मंजूर हो गया है और इस प्रोजेक्ट पर काम जल्द ही शुरू होगा।

पार्क नहीं होने की वजह से खेल नहीं पा रहा था एदान

लगभग 60000 की आबादी वाला बिलारी मुरादाबाद जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। अपनी चिट्ठी में लड़के ने कहा कि पार्क न होने की वजह से वह खेल नहीं पा रहा था और उसे अपना सारा समय घर पर ही बिताना पड़ रहा था। उसने अधिकारियों से अपने इलाके में एक पार्क का इंतजाम करने का अनुरोध किया।

इसके बाद राज्य सरकार और मुरादाबाद के जिला मजिस्ट्रेट के बीच बातचीत हुई। जिला मजिस्ट्रेट ने स्थानीय नगरपालिका निकाय, बिलारी नगर पालिका से जानकारी मांगी। इस बीच, स्पोर्ट्स सेंटर बनाने के लिए जमीन का एक सही टुकड़ा चुना गया और सरकार को प्रस्ताव भेजा गया।

बिलारी नगर पालिका की एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रजनी सिंह ने बताया कि बिलारी के जूनियर हाई स्कूल के खेल के मैदान में बनने वाले मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स फैसिलिटी सेंटर का प्रस्ताव हाल ही में सरकार को भेजा गया था। इसे मुख्यमंत्री की ‘वैश्विक नगरोदय योजना’ के तहत मंजूरी मिली है।

उन्होंने कहा कि शहर के लोग लंबे समय से बच्चों के लिए पार्क की मांग कर रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि प्रोजेक्ट के लिए फंड मंजूर करने की प्रक्रिया चल रही है और नगरपालिका को मंजूर फंड मिलने के बाद तय जगह पर स्पोर्ट्स सेंटर का काम शुरू हो जाएगा।

एदान के पिता ने क्या-क्या बताया

एदान के पिता वकील जीशान पाशा ने बताया कि यह सब कैसे अचानक शुरू हुआ। पाशा ने कहा, “मई में, जब गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान हुआ, तो एदान मुझसे सड़क पर साइकिल चलाने और किसी पार्क में ले जाने की जिद करने लगा, जहां वह झूले पर खेल सके। चूंकि हमारे शहर में कोई खेल का मैदान नहीं था, इसलिए मैं कुछ नहीं कर पा रहा था। मुझे बस उससे यही कहना पड़ा कि मैं बेबस हूं।”

मैंने स्पीड पोस्ट से भेजा पत्र- एदान के पिता

उन्होंने बताया, “एक दिन उसने मुझसे पूछा कि क्या उसे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनके लिए पार्क की व्यवस्था करने का अनुरोध करना चाहिए। मैंने उससे कहा कि वह पत्र लिख ले और मैं उसे उसकी ओर से भेज दूंगा। अगले दिन, उसने पत्र लिखा और मुझे सौंप दिया। सच कहूं तो, मैंने उस समय इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया और बस पत्र को एक तरफ रख दिया। दो दिन बाद, उसने मुझसे पूछा कि क्या मैंने उसे भेज दिया है। इसलिए, उम्मीद से ज्यादा फर्ज के नाते, मैंने उसे स्पीड पोस्ट से भेज दिया।”

पाशा ने आगे कहा, “कल जिला प्रशासन ने मुझे सूचित किया कि मेरे बेटे के आवेदन के आधार पर हमारे शहर के लिए एक स्पोर्ट्स सेंटर को मंजूरी मिल गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अब, गांव में हर कोई मेरे बेटे को ऐसा करने के लिए बधाई देने आ रहा है।”

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