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तकनीकी तौर पर ज्यादा चुस्त हुई दिल्ली पुलिस तो इसलिए मिला लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड का तमगा

साइबर अपराध इन दिनों एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इस चुनौती को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने हर जिले में साइबर सेल बनाया है। साथ ही उसने साइबर फोरेंसिक वैन की व्यवस्था भी की है। इसके तहत पुलिस ने अपने 1800 अधिकारियों को खास तरह का प्रशिक्षण दिया है।

Author December 30, 2018 4:20 AM
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने रफ्तार योजना शुरू की।

निर्भय कुमार पांडेय

दिल्ली पुलिस ने इस साल अपराध रोकने और अपराधियों पर काबू पाने के अलावा कई नई पहल की। दिल्ली पुलिस तकनीकी रूप में ज्यादा चुस्त भी हुई है, जिससे उसे अपराधियों तक पहुंच बनाने में काफी फायदा हुआ है। दिल्ली पुलिस के सभी थानों के मालखाने भी अब डिजिटल हो गए हैं। इसके साथ ही वह देश का पहला ऐसा बल बन गई है, जिसके सभी थानों में ई-मालखाने की व्यवस्था है। पूरी दुनिया के लिए चुनौती बने साइबर अपराधों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने सभी जिलों में साइबर सेल बनाए हैं। साथ ही साइबर फोरेंसिक मोबाइल वैन की व्यवस्था भी की गई है। दिल्ली पुलिस ने तीन लाख महिलाओं व युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया, जिसके लिए उसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस ने कई और पहल भी की हैं, जैसे- विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए टूरिस्ट पेट्रोलिंग वैन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 36 महिला पुलिसकर्मियों की एक स्वॉट टीम बनाई गई। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध पर काबू पाने के लिए रफ्तार योजना की शुरुआत भी की गई है।

डिजिटल हुए मालखाने
दिल्ली पुलिस ने इस साल प्रायोगिक तौर पर तीन जिलों के मालखानों को ई-मालखाने के रूप में विकसित किया था। यह प्रयोग सफल होने के बाद अब दिल्ली पुलिस के सभी मालखाने डिजिटल हो गए हैं। बीते 28 दिसंबर को पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बाकी बचे सभी 10 जिलों के ई-मालखानों की शुरुआत की थी। इन मालखानों में रखे 311600 जब्ती सामान पूरी तरह से डिजिटल हो गए हैं और सभी को ई-बार कोड मिल गया है।

टूरिस्ट पेट्रोलिंग वैन से सैलानी सहज
दिल्ली में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। उनकी सुविधा के लिए टूरिस्ट पेट्रोलिंग वैन की व्यवस्था की गई है। इसमें तैनात कर्मचारी अंग्रेजी भाषा के साथ कुछ विदेशी भाषा के भी जानकार होते हैं। इसकी शुरुआत इस साल अक्तूबर में की गई थी। फिलहाल 15 टूरिस्ट पेट्रोलिंग वैन में दिल्ली पुलिस के जवान और अधिकारी आइजीआइ टर्मिनल-1, लोटस टेंपल, अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली हाट, जामा मस्जिद, अजमेरी गेट, पहाड़गंज, लाल किला, कुतुब मीनार, राजपथ, पालिका बाजार के अलावा जनपथ बाजार में तैनात रहते हैं।

जिलों में बने साइबर सेल
साइबर अपराध इन दिनों एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इस चुनौती को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने हर जिले में साइबर सेल बनाया है। साथ ही उसने साइबर फोरेंसिक वैन की व्यवस्था भी की है। इसके तहत पुलिस ने अपने 1800 अधिकारियों को खास तरह का प्रशिक्षण दिया है।

जीपीएस ने दिलाई रफ्तार
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने रफ्तार योजना शुरू की। इसके तहत पुलिस के 300 जवान और अधिकारी मोटरसाइकिल पर गश्त करते हैं। इनमें जीपीएस की व्यवस्था है, जिसकी निगरानी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के साथ सेंट्रल पुलिस कंट्रोल रूम और जिला पुलिस कंट्रोल रूम से की जाती है।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड का तमगा
दिल्ली पुलिस को इस साल लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड का नाम दर्ज कराने का सम्मान भी मिला। यह रिकॉर्ड उसे साल 2017 में तीन लाख महिलाओं, युवतियों और लड़कियों को आत्मरक्षा के प्रशिक्षण दिया था। साल 2019 में साढ़े तीन लाख महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ये कठिन परिस्थितियों से निपटने में सक्षम बन सकें।

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