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दिल्ली मेरी दिल्ली: आशीर्वाद का फल

वैसे दिल्ली पुलिस के ये पहले अधिकारी नहीं थे, जिन्होंने ऐसा कारनामा किया हो। इससे पहले भी एक थानाध्यक्ष की कुर्सी पर कथित तौर पर एक विवादित साध्वी विराजमान हुई थीं।

Author July 30, 2018 6:04 AM
साधिका नमिताचार्या से मालिश कराते एसएचओ इंद्रपाल।

आत्म शांति के लिए किसी बाबा या साध्वी से आशीर्वाद लेने भर से किसी की कुर्सी चली जाए यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन दिल्ली में एक थाने का कार्यभार संभालने वाले अधिकारी के ऐसा करने पर उनकी कुर्सी देखते ही देखते छीन ली गई। आशीर्वाद लेते अधिकारी का एक फोटो सोशल मीडिया पर क्या वायरल हुआ। वे पत्रकार से लेकर अपने विभाग के आला अधिकारियों के निशाने पर आ गए। हालांकि, जिले के आला अधिकारियों ने पहले तो इस मामले को तूल नहीं दिया, लेकिन जब लगा कि अधिकारी की वजह से पुलिस विभाग की कुछ ज्यादा ही किरकिरी हो रही है तो उन्होंने अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। वैसे दिल्ली पुलिस के ये पहले अधिकारी नहीं थे, जिन्होंने ऐसा कारनामा किया हो। इससे पहले भी एक थानाध्यक्ष की कुर्सी पर कथित तौर पर एक विवादित साध्वी विराजमान हुई थीं। वह फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था और पुलिस की खूब किरकिरी भी हुई थी।

धर्म का रंग
कुदरत ने पानी को रंगहीन बनाया है, मतलब इसका कोई रंग नहीं होता, लेकिन आइटीओ पर यही पानी सांप्रदायिकता के रंग में रंगा दिखा। यहां एक मंदिर और मस्जिद साथ-साथ बने हैं। पहले मस्जिद ने प्याऊ लगाया, फिर मंदिर ने प्याऊ लगाया, लेकिन अचंभा तब हुआ जब एक खास धर्म के लोग खास प्याऊ पर जाने लगे। बीते दिनों एक बस का चालक जब खाली पड़ा प्याऊ छोड़कर बगल के भीड़भाड़ वाले प्याऊ से पानी लेकर लौटा तो बस में बैठी सवारियों ने देर से आने के लिए उसे अच्छी-खासी नसीहत दे डाली। बस फिर क्या था, उसने बेबाकी से पानी और प्याऊ को ‘धर्म से जोड़कर’ गाड़ी आगे बढ़ा ली। इस पर किसी ने ठीक ही कहा कि क्या हिंदू-क्या मुसलिम, पानी तो ‘जीवन’ है! इस पर दूसरे ने चुटकी ली, बेरंग पानी ने लोगों ने धर्म का रंग भर दिया।

बेदिल

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