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पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने क्युल-जमालपुर-भागलपुर रेल सेक्शन का किया दौरा, पर दिया कुछ भी नहीं

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक हरिंद्र राव ने कहा कि जमालपुर का सुरंग और भागलपुर-कहलगांव रेल लाईन का दोहरीकरण रेलवे की प्राथमिकताओं में एक है।

फोटो – मुआयना करते पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक हरिंद्र राव

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक हरिंद्र राव ने कहा कि जमालपुर का सुरंग और भागलपुर-कहलगांव रेल लाईन का दोहरीकरण रेलवे की प्राथमिकताओं में एक है। क्युल से जमालपुर रेलवे विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है जून से बिजली चालित इंजन ट्रेनों को जमालपुर तक लेकर आने लगेगा। वे सोमवार देर शाम पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक सोमवार को हावड़ा से स्पेशल ट्रेन से क्युल आए। फिर वहां से क्युल – जमालपुर- भागलपुर रेल सेक्शन का दौरा कर रात करीब साढ़े आठ बजे हावड़ा के लिए रवाना हो गए। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) रवि एन महापात्र के मुताबिक यह उनका सालाना निरीक्षण दौरा था। यह क्षेत्र मालदा डिवीजन में पड़ता है। उनके साथ डीआरएम मोहित सिंहा , पूर्व रेलवे मुख्यालय के प्रधान अधिकारी रविन्द्र गुप्ता समेत पूरा लाव लश्कर था। विशेष ट्रेन में भागलपुर के कैटरर के लजीज भोजन का बड़े चाव से उन्होंने आनंद लिया। तभी निरीक्षण के दौरान उन्हें सब ठीक ठाक लगा। और मालदा डिवीजन के अधिकारियों की तैयारियों व काम की जमकर तारीफ की।

उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि तमाम ट्रेनों में एसएलबी कोच लगने है। मगर कोचों की कमी की वजह से एक अनार सौ बीमार वाला जुमला बन गया है। फिलहाल भागलपुर से यसवंतपुर और विक्रमशिला आनंद विहार ट्रेन में ही एसएलबी कोच लगे है। उपलब्ध होने पर वनांचल और जमालपुर – हावड़ा ट्रेन में लगेंगे। भागलपुर से दुमका और साहेबगज से जमालपुर चलने वाली सवारी गाड़ियों में शौचालय न होने की बात पर उन्होंने अचरज जाहिर किया और जरूरी काम करने का डीआरएम को हिदायत दी।

रेल बजट में पूर्व रेलवे को कौन कौन सी योजनाएं मिली? पूछने पर वे बोले कि अभी ईस्टर्न रेलवे के बजट पर सदन में चर्चा नहीं हुई है। एक दो रोज बाद पता चलेगा। सुलतांगज -बांका-देवघर रेल लाइन का काम फिलहाल टल गया है। भागलपुर रांची एक्सप्रेस ट्रेन हमेशा के लिए बंद कर दी गई। क्या इसके बदले कोई दूसरी ट्रेन मिलेगी। इस पर उन्होंने साफ इंकार किया। जमालपुर सुरंग की वजह से काफी दिक्कत है। उसके बगल से रेल लाइन बिछाने का काम होना है। यह प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।

इस मौके पर ईस्टर्न बिहार चेंबर आफ कामर्स का शिष्टमंडल और नागरिक सेवा समिति ने मांगों का पुलंदा हरेक दफा की तरह अबकी भी उन्हें थमाया। दिन भर के दौरे के क्रम में महाप्रबंधक ने क्युल भागलपुर के बीच पड़ने वाले अभयपुर , जमालपुर, गनगनिया, सुलतांगज, अबूगंज, भागलपुर स्टेशनों के मुआयना किया। यात्री सुविधाओं के सिलसिले में फूड प्लाजा , मुसाफिरखाना , विश्राम गृह , आरक्षण काउंटर , पीने के पानी की सुविधाओं से रु-ब-रु हुए। रेलवे कर्मचारियों से बात की। उनकी पीठ थपथपाई। पत्रकारों से उन्होंने कहा भी कि किसी भी सरकारी महकमे से रेलवे कर्मचारी ज्यादा ईमानदार और मेहनतकश है।

मगर क्युल -जमालपुर-सेक्शन पर चलने वाली ट्रेनों और स्टेशनों पर स्वच्छता के नाम पर करोड़ों खर्च हो रहे है। पर जरूरत के मुताबिक चलती ट्रेनों में सफाई और प्लेटफार्मों पर शौचालय नहीं है। इस सवाल को टाल गए।

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