ताज़ा खबर
 

वोडाफोन के खिलाफ केस में केंद्र सरकार को झटका, दिल्‍ली हाई कोर्ट में याचिका खारिज

केंद्र सरकार की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि वोडाफोन समूह ने एक ही समय में दो अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थताओं की पहल करके कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया है।

Author May 8, 2018 00:56 am
दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारत के खिलाफ दो अंतर्राष्ट्रीय फैसलों को लागू करने के वोडाफोन के कदम को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी। भारत सरकार द्वारा 11 अरब डॉलर के हचिसन अधिग्रहण सौदे में कंपनी से कर की मांग किए जाने के सिलसिले में वोडाफोन ने भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौता (बीआईपीए) और भारत-नीदरलैंड बीआईपीए के तहत कार्यवाही शुरू की। वोडाफोन ने भारत-यूके बीआईपीए के तहत मध्यस्थता की पहल की, जबकि भारत-नीदरलैंड बीआईपीए के तहत कार्यवाही लंबित है।

केंद्र सरकार की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि वोडाफोन समूह ने एक ही समय में दो अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थताओं की पहल करके कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया है। केंद्र की याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा, “वर्तमान मुकदमा व आवेदन को खारिज किया जाता है।” हालांकि न्यायाधीश ने भारत सरकार को इस मामले को यूके मध्यस्थता अभिकरण के पास उठाने का अधिकार प्रदान किया और कहा कि अभिकरण इस मसले को अदालत के फैसलों के प्रभाव में आए बगैर अपने अनुसार देखेगा।

बता दें कि यह मामला वोडाफोन द्वारा 11 अरब डॉलर में हचिसन टेलीकॉम का अधिग्रहण किए जाने के सौदे से जुड़ा है, जिसमें भारत सरकार की ओर से कंपनी से 11,000 करोड़ रुपए की कर मांग की गई थी। भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय निवेश सुरक्षा समझौते के तहत मध्यस्थता प्रक्रिया के लंबित रहने के बीच ही कंपनी ने 24 जनवरी 2017 को भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय निवेश सुरक्षा समझौते के तहत दूसरी अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया भी शुरु कर दी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App