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विशाखापत्तनम में दिखे एलियंस? जानें क्या है वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई

दोनों ही प्राणी एकदम शांत खड़े हैं और कैमरे को देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए बहुत से लोग इन्हें 'एलियंस' बता रहे हैं।

विशाखापत्तनम में दिखे एलियंस? जानें क्या है वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई (फोटो सोर्स- यूट्यूब)

सोशल मीडिया पर इस वक्त एलियंस का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। विशाखापत्तनम में दिखे एलियंस का ये वीडियो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों द्वारा काफी शेयर किया जा रहा है। वीडियो देखकर लग रहा है कि ये किसी कंस्ट्रक्शन साइट पर रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो में दो अजीब तरह के प्राणी खड़े हुए दिख रहे हैं। दोनों ही प्राणी एकदम शांत खड़े हैं और कैमरे को देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए बहुत से लोग इन्हें ‘एलियंस’ बता रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद हर कोई दोनों प्राणियों को एलियन ही समझ रहा है, लेकिन इनकी सच्चाई लोगों की सोच से परे है।

दरअसल वीडियो में जो दो अजीब तरह के प्राणी दिख रहे हैं वे एलियंस नहीं बल्कि भोले-भाले श्वेत उल्लू (Harmless Barn Owls) हैं। वहीं कुछ लोग उन्हें एलियंस करार दे रहे हैं। द न्यज मिनट के मुताबिक डेक्कन क्रोनिकल से बात करते हुए नेहरू जूलॉजिकल पार्क की क्यूरेटर शिवानी डोंगरे का कहना है, ‘वे एक सुंदर प्रजाती के जीव हैं, वे अधिकतर मध्य भारत से नीचे वाले हिस्से में पाए जाते हैं। उनका दिल के आकार का चेहरा और नीचे की तरफ निकली हुई चोंच उनकी खासियत है। जब उन श्वेत उल्लुओं की तरफ किसी का ध्यान जाता है तो वे काफी चौकस हो जाते हैं, शायद इसलिए वे वीडियो में सावधान की मुद्रा में खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि दोनों पक्षी कंस्ट्रक्शन साइट पर सपाट सतह पर बैठे हुए हैं, लेकिन अगर उन्हें पकड़ कर रखने वाली कोई सतह मिलती तो वे अलग तरीके से बैठते।’

बहुत से लोगों ने उल्लुओं के ऊपर मौजूद कम पंखों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनके जवाब में शिवानी का कहना है कि हो सकता है कि दोनों श्वेत उल्लू अभी बच्चे हों, इसलिए उनके शरीर पर ज्यादा पंख नहीं आए होंगे। साथ ही यह भी कहा है कि हो सकता है कि दोनों पक्षियों को ठीक से खाना ना मिला हो जिसके कारण उनका विकास उतनी अच्छी तरह से नहीं हो पाया और वे उल्लू की तरह नहीं दिख रहे हों। भारत सरकार के वन और जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण मंत्रालय के साथ काम करने वाले वन्यजीव और संरक्षित क्षेत्रों के ईएनवीआईएस (ENVIS) केंद्र का कहना है कि श्वेत उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (डब्ल्यूपीए), 1972 की अनुसूची IV के तहत एक संरक्षित प्रजाति है।

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