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जमीं से आसमान तक धूल, तूफान और बारिश का कहर

सूचना एवं जन संपर्क (आइपीआर) विभाग ने एक विज्ञप्ति में बताया कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मूसलाधार बारिश के कारण नदी के तटों को हुए नुकसान के मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कल नदियों में दो लोग डूब गए थे।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी प्रदूषण के इस स्तर को बेहद खतरनाक बताया है।

दिल्ली लगातार तीसरे दिन गुरुवार को धूल की चादर में लिपटी रही। हवा की गुणवत्ता गुरुवार को भी खतरनाक स्तर पर ही रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक गुरुवार शाम चार बजे राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 431 रहा। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के मुताबिक धूल भरी आंधी से सप्ताहांत से पहले राहत की उम्मीद नहीं है। अधिकारियों ने लोगों को लंबे समय तक घर से बाहर न रहने की सलाह दी है। वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल ने धूल प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में 17 जून तक सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीबीसीबी) ने बताया कि पश्चिमी भारत खासतौर से राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने के कारण हवा की गुणवत्ता एकदम खराब हो गई है। सफर (सिस्टम आॅफ एअर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्ट एंड रिसर्च) के मुताबिक दिल्ली में पीएम 10 का स्तर (10 मिमी से कम मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) शाम छह बजे के लगभग सभी केंद्रों पर 1000 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ऊपर दर्ज किया गया। पीतमपुरा में 1197, पूसा में 1051, लोधी रोड में 1213 रहा। वहीं पीएम 2.5 का स्तर ज्यादातर जगहों पर शाम को 400 से ऊपर रहा। सुबह के समय भी हालात कुछ खास बेहतर नहीं था। पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार इलाके में सुबह पीएम 10 का स्तर 929 और पीएम 2.5 का स्तर 301 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था।

सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली में कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के निशान से पार है। जबकि, शाम चार बजे पिछले 24 घंटे का वायु गुणवत्ता सूचकांक स्तर दिल्ली में 431 रहा। वहीं एनसीआर में भी हालात कुछ खास बेहतर नहीं थे। गुड़गांव (485) और ग्रेटर नोएडा (500) में भी स्तर खतरनाक रहा। जबकि, फरीदाबाद (317), गाजियाबाद (384) और नोएडा (390) में वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर में रहा। शून्य से 50 के बीच के वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा माना जाता है। वहीं 51-100 के बीच को संतोषजनक, 101-200 के बीच को मध्यम, 201-300 को खराब, 301-400 को बहुत खराब और 401-500 खतरनाक माना जाता है। आइएमडी में वरिष्ठ वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार शाम से हवा की गति और दिशा में बदलाव अपेक्षित है। इससे शनिवार से थोड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि 17-18 जून को आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

निजी मौसम एजंसी स्काईमेट के मुताबिक पश्चिम से आ रही हवाएं बिल्कुल शुष्क हैं. इससे धूल-कण जमीन पर बैठने के बजाय वातावरण में तैर रहे हैं। यही कारण है कि न्यूनतम तापमान भी बढ़ रहा है क्योंकि धूल की चादर से रात में ठंडी होने की प्रक्रिया बाधित होती है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पर्यावरण मंत्रालय ने अगले तीन दिन तक धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। मंत्रालय ने निर्माण एजंसियों, नगर निगमों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा है। सीपीसीबी के मुताबिक इस बार हवा में घुले खतरनाक सूक्ष्म कण पीएम 2.5 का स्तर उतना अधिक नहीं है जितना पिछले साल नवंबर में था। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि फेफड़ों में घुसकर उस पर असर डाल सकते हैं। सीपीसीबी के सदस्य सचिव सुधाकर ने प्रभावित इलाकों के लोगों से तीन से चार घंटे से ज्यादा बाहर न रहने की सलाह दी है। घर से ज्यादा बाहर रहने से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

यूपी में 15 की मौत : उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में तेज आंधी की चपेट में आने से 15 लोगों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गए। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आंधी में छह मौतें सीतापुर में, तीन-तीन गोण्डा और कौशांबी में और एक-एक व्यक्ति की मौत फैजाबाद, हरदोई और चित्रकूट में हुई। उन्होंने बताया कि सीतापुर में 17 और फैजाबाद में 11 लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य में कहीं-कहीं पर जोरदार आंधी की चेतावनी दी है। अगले दो दिन में कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ आंधी पानी की आशंका है। विभाग के मुताबिक गुरुवार को आगरा में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चंडीगढ़ में हवाई सेवा प्रभावित : गुरुवार को दिनभर आसमान में धूल का गुबार छाए रहने से चंडीगढ़ इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कुछ का रूट बदलना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक मौसम में आंधी और बारिश का अनुमान जताया है। चंडीगढ़ एअरपोर्ट के सीईओ सुनील दत्त का कहना है कि अब यहां मौसम सुधरने के बाद ही हवाई उड़ानों का सिलसिला शुरू होगा।

पूर्वोत्तर में बारिश से बदहाल : र्वोत्तर राज्यों में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण त्रिपुरा और मणिपुर में चार लोगों की मौत हो गई है। बारिश के कारण असम में रेल सेवा बाधित हुई है और क्षेत्र में हजारों लोग बेघर हुए हैं। त्रिपुरा में राज्य सरकार ने बचाव अभियानों के लिए केंद्र से सेना और एनडीआरएफ की सहायता मांगी है। राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कल बाढ़ प्रभावित इलाके उनकोटी जिले का दौरा करने वाले मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने गुरुवार सुबह राज्य की ‘गंभीर स्थिति’ के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया। उन्होंने कहा, ‘केंद्र ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक मदद उपलब्ध कराये जाने का आश्वासन दिया है।’ उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने लोगों से स्थानीय प्रशासन के बचाव अभियानों में सहयोग और सहायता करने की अपील भी की है। पड़ोसी मणिपुर जिले में राज्य सरकार ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इंफल और इसके आसपास के जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार तक ‘छुट्टी’ की घोषणा कर दी है।

सूचना एवं जन संपर्क (आइपीआर) विभाग ने एक विज्ञप्ति में बताया कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मूसलाधार बारिश के कारण नदी के तटों को हुए नुकसान के मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कल नदियों में दो लोग डूब गए थे। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि असम में डीमा हसाओ जिले के पांच स्थानों पर भूस्खलन के कारण उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे के लुमडिंग-बदरपुर पर्वतीय खंड पर ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। मिजोरम के कई हिस्सों में आज लगतार भारी बारिश जारी है जिसके कारण राज्य के दक्षिणी हिस्सों के लुंगलेई , लाउनगटलई और सिआहा जिलों का संपर्क देश के शेष हिस्सों से टूट गया है। यह जानकारी राज्य के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास (डीएमआर) विभाग के अधिकारियों ने दी है।

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