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बच्चे की हत्या कर लाश 38 दिनों तक अटैची में रखी

पुलिस के अनुसार, अवधेश ने कबूला है कि उसने पैसों के लिए सैनी के बेटे को अगवा किया। लेकिन डर से बच्चे की एक महीने पहले ही हत्या कर दी। तब से अटैची में उसका शव रखा हुआ था।

आरोपी ने शव को 38 दिन तक सूटकेस में छिपाकर रखा था।

दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में सात साल के एक बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और हत्यारे ने शव को पॉलीथिन में डालकर एक कमरे में 38 दिनों तक सूटकेस में छिपाकर रखा। दिल दहला देने वाली इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मृतक के ‘चाचा’ अवधेश पर संदेह कर कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, उसने अपराध कबूल लिया है। 7 जनवरी को आशीष का उस समय अपहरण किया गया था, जब वह घर के पास खेल रहा था। दिल्ली पुलिस ने बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश के लिए एक लाख 25 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी।

जिले के पुलिस उपायुक्त असलम खान ने मंगलवार को बताया कि मैनपुरी निवासी करण सैनी उर्फ सुरेंद्र नत्थपुरा हरिजन चौपाल के पास डी ब्लाक के एक घर में रहते हैं। वह परचून की दुकान चलाते हैं। उनका दूर का नातेदार अवधेश एटा का रहने वाला है और दिल्ली में उनके घर के पास रहता है। पुलिस के अनुसार, अवधेश ने कबूला है कि उसने पैसों के लिए सैनी के बेटे को अगवा किया। लेकिन डर से बच्चे की एक महीने पहले ही हत्या कर दी। तब से अटैची में उसका शव रखा हुआ था। उसने शुरुआती पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह शव को ठिकाने लगाने के बाद फिरौती मांगने वाला था। अभी तक उसने फिरौती नहीं मांगी थी। पर 15 लाख रुपए की फिरौती मांगने की उसने योजना बना ली थी।

पुलिस के अनुसार, अवधेश खुद को सीबीआइ अधिकारी बताकर आसपास धौंस भी जमाता था। वारदात वाले दिन उसने बच्चे आशीष को जन्मदिन के गिफ्ट के रूप में साइकिल देने का लालच दिया और फिर अगवा कर लिया। अपहरण के बाद थोड़ी दूरी पर अपने किराए के कमरे में उसे ले गया और गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर उसे अच्छे से पॉलीथिन में पैक करके सूटकेस में रखकर बेफिक्र हो गया। अवधेश बच्चे के परिवार में घुला-मिला हुआ था। बच्चे के अपहरण के बाद उसी ने पुलिस में एफआइआर भी दर्ज कराई थी। वह बच्चे को तलाशने का नाटक भी कर रहा था। इस बीच पुलिस ने बच्चे को तलाशने की कोशिशें कीं। एक बार अवधेश पर संदेह जाहिर किया गया तो पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की और मंगलवार को अंतत: उसी के घर से सड़ी-गली हालत में बच्चे के शव को बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने यह भी बताया कि आशीष की हत्या के बाद अवधेश ने खुद को बचाने के उपाय भी सोचने शुरू कर दिए। बदबू आने पर पड़ोसियों को क्या कहना है और क्या सबूत दिखाना है, इसका बहाना भी अवधेश ने सोच रखा था। जब पड़ोसियों को शव की बदबू आती थी तो वह कहता था कि कमरे में चूहा मरा हुआ है और उसी की बदबू आ रही है। सबूत के तौर पर वह कमरे के अंदर से एक मरा चूहा लाकर भी दिखाता था। शव से ज्यादा बदबू नहीं आए इसके लिए उसने शव को पैककर सूटकेस के अंदर रखा था। कमरे में बहुत सारे परफ्यूम रखे हुए थे जिन्हें वह आसपास छिड़कता रहता था। आरोपी ने शव को 38 दिन तक सूटकेस में छिपाकर रखा था। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि पहले अवधेश बच्चे के घर में ही रहता था। लेकिन तीन साल से वह बगल में ही कमरा किराए पर लेकर रहने लगा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने यह भी कबूला है कि मृतक के घर वालों से बदला लेने के लिए उसने बच्चे को कत्ल किया। हालांकि वह बार-बार बयान बदल रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं वह ‘साइको किलर’ तो नहीं।

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