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फिर वादों भरा बजट पेश करने की तैयारी में ‘आप’ सरकार

इस बार के बजट में प्रदूषण से निपटने के तौर-तरीकों पर विशेष जोर दिया जा सकता है और नई बसों की खरीद, नए बीआरटी कॉरिडोर सहित अन्य परियोजनाओं के लिए आगामी बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान भी किए जाने के आसार हैं।

अरविंद केजरीवाल। (फाइल फोटो)

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार एक और लोकलुभावन बजट पेश करने की तैयारी में जुटी है। ऐसे संकेत हैं कि सरकार मार्च के पहले हफ्ते में वित्त वर्ष 2018-1019 के लिए अपने बजट का लेखा-जोखा पेश करेगी। वित्त विभाग के अफसर नए बजट को शक्ल देने की तैयारियों में जुटे हैं। आप सरकार का यह चौथा बजट होगा। ऐसे संकेत हैं कि 20 विधानसभा क्षेत्रों में संभावित उपचुनाव का असर भी सरकार के बजट पर पड़ सकता है।

बजट की तैयारियों में जुटे आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस बजट में जहां बिजली-पानी पर सबसिडी जारी रहेगी, वहीं कुछ अन्य नई घोषणाएं भी की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि तीन बजटों की तरह इस बार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन के साथ-साथ अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को प्राथमिकता दिए जाने के आसार हैं। खास बात यह है कि इस बार के बजट में प्रदूषण से निपटने के तौर-तरीकों पर विशेष जोर दिया जा सकता है और नई बसों की खरीद, नए बीआरटी कॉरिडोर सहित अन्य परियोजनाओं के लिए आगामी बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान भी किए जाने के आसार हैं। आम बजट से दिल्ली को एक बार फिर से कुछ खास नहीं मिला।

पिछले केंद्रीय बजट में दिल्ली सरकार को अलग-अलग मदों के लिए कुल 757.99 करोड़ रुपए आबंटित किया गया था, जबकि इस साल अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने कुल 790 करोड़ रुपए की राशि आबंटित की है। इसमें 325 करोड़ रुपए वह हैं जो साल 2002 से लगातार केंद्रीय कर संग्रह में से दिल्ली को दिए जाते हैं। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री सिसोदिया ने ट्वीट किया था कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा था कि संसद में पेश बजट में दिल्ली के विकास के लिए एक पैसा भी अतिरिक्त प्रावधान नहीं किया। दिल्ली सरकार के आगामी बजट पर राजधानी के सियासी माहौल का असर पड़ना लाजमी है। इस बात की संभावना भी बनी हुई है कि आम आदमी पार्टी के जिन 20 विधायकों को राष्टÑपति ने अयोग्य घोषित कर दिया है, उन विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव हो सकते हैं।

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