ताज़ा खबर
 

कावेरी जल विवाद पर विरोध प्रदर्शन स्वस्थ्य लोकतंत्र की निशानी नहीं: वैंकेया नायडू

वैंकेया ने कहा कि स्वतंत्रता के 69 साल बाद अगर आप लड़ना शुरू करते हैं, बसों में आग लगाते हैं, कर्नाटक और तमिलनाडु में हाल में जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं।
Author हैदराबाद | September 26, 2016 19:58 pm
केन्द्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री एम वैंकेया नायडू ने सोमवार (26 सितंबर) को कहा कि हाल में तमिलनाडु और कर्नाटक में कावेरी जल विवाद को लेकर हुई हिंसा की घटनाएं स्वस्थ्य लोकतंत्र की निशानी नहीं है। वैंकेया ने कहा कि स्वतंत्रता के 69 साल बाद अगर आप लड़ना शुरू करते हैं, बसों में आग लगाते हैं, कर्नाटक और तमिलनाडु में हाल में जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है, यह स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने यह टिप्पणी यहां तेलंगाना पोस्टल सर्कल का औपचारिक तौर उद्घाटन करने के बाद की। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने जोर दिया, ‘हम सब एक लोग हैं, हम एक देश हैं, हम प्रशासनिक सुविधा और विकास के उद्देश्यों की वजह से अलग अलग राज्यों से हो सकते हैं। लेकिन अंत में हम सब भारतीय हैं। यह भावना हम सब में होनी चाहिए। इसलिए हम मन में यह भावना रखें और आगे बढ़ें और दोनों राज्यों (कर्नाटक और तमिलनाडु) को (साथ मिलकर) काम करना चाहिए और विकास करना चाहिए।’

नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में उल्लेखित हर मुद्दे को उसके ताकिर्क निष्कर्ष पर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इस बारे में कोई शक नहीं है और इस में कुछ भी चिंता लायक नहीं है। कुछ मुद्दे वक्त लेते हैं, यह इतना सरल नहीं है कि आप राज्य का विभाजन कर दें और सबकुछ हो गया। कुछ बार तो परिवारों के अलग होने के दौरान भी परेशानियों उत्पन्न होती हैं और परेशानियों को सुलझाने में वक्त लगता है।’ नायडू ने बताया कि उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों (गठन के बाद) से संबंधित परेशानियों का समाधान होने में बहुत वक्त लगा था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘सरकार तेजी से काम कर रही है हालांकि कुछ मुद्दे हैं, कानूनी विवाद हैं, दोनों राज्यों के बीच कई मतभेद हैं। हम केंद्र में है और प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं, समस्या को सुलझाने के लिए कोशिशें जारी है।’

महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश को 26 हफ्तों तक बढ़ाने पर नायडू ने केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय को सुझाव दिया कि वह पुरुषों के लिए पितृत्व अवकाश के लिए भी सोचें। उन्होंने कहा, ‘मैं यह मजाक के तौर पर नहीं कह रहा हूं, वे (पुरुष) पत्नी की सेवा करने के लिए घर पहुंच सकते हैं जो परिवार की बरसों सेवा करती हैं।’ नायडू ने कहा, ‘हालांकि अगर दोनों 26 हफ्ते की छुट्टी पर चले जाएंगें तो दिक्कत होगी, सरकार छुट्टी पर चली जाएगी।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.