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गांजे वाली चॉकलेट बनाकर 1800 रुपए में इंस्टाग्राम पर बेचता था डॉक्टर, इंटरनेट बैंकिंग के जरिए होती थी पेमेंट

पुलिस ने कहा कि इसके बाद से ही उसके दिमाग में यह आइडिया और उसने वीडियो देखकर चॉकलेट बनाना सीखा। वह गांजे को तस्करों से खरीदता था और उसके बारीक पीसकर उसे चॉकलेट पाउडर में मिलाकर कर टॉफी बनाता था।

Barack Obama, Obama Admin, Marijuana, United Statesमैरिजुआना या गांजे की प्रतीकात्मक तस्वीर। (एपी फोटो)

हैदराबाद पुलिस ने एक न्यूरो डॉक्टर को गांजे वाली चॉकलेट्स (Marijuana Laced Chocolates) बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि यह शख्स इन चॉकलेट को बेचने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था और वह पिछले दो साल से सोशल मीडिया के जरिए यह धंधा चला रहा था। पुलिस ने पुराने शहर के बहादुरपुरा इलाके में रहने वाले मोहम्मद सुजाता अली खान को 27 जनवरी को छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। स्पेशल ऑपरेशन टीम के इंस्पेक्टर के नरसिंह राव ने बताया कि वह शख्स गांजा मिलाकर चॉकलेट बनाता था और अपने ग्राहकों को ऑनलाइन इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए बेचता था। उन्होंने बताया कि वह अगर इस चॉकलेट को बाजार में बेचता तो पकड़ जाता इसलिए उसने Weedibles.hyd और Weedibles.India नाम से खाता बनाकर बेचना शुरू किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खान ने डेक्कन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री ली थी। यह कॉलेज दार-उस-सलाम एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है जिसके हैड हैदराबाद के सांसद और एमआईएम के सांसद असद्दुदीन ओवैसी है। डिग्री पूरी करने के बाद उसने एक सरकारी अस्पताल में 2014 तक रिसर्च कॉर्डिनेटर के रूप में काम किया। बाद में उसने स्थनीय जिम में सलाहकार के रूप में काम करना शुरू किया और वहां वो उन लोगों की संपर्क में आया जो नशे के आदी थी।

पुलिस ने कहा कि इसके बाद से ही उसके दिमाग में यह आइडिया और उसने वीडियो देखकर चॉकलेट बनाना सीखा। वह गांजे को तस्करों से खरीदता था और उसके बारीक पीसकर उसे चॉकलेट पाउडर में मिलाकर कर टॉफी बनाता था। इस तरह के छोटे और कलरपुल चॉकलेट्स लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते थे। धीरे-धीरे वह देश के कई हिस्सों में लोगों को चॉकलेट की सप्लाई करने लगा। मेरीजुएना की मात्रा पर उसने चॉकलेट को X, XX, XXX, 4X, 5X और 6X नाम दिया। 10 चॉकलेट के एक डिब्बे की कीमत 500 से 1800 रुपए के बीच थी।

इंस्पेक्टर ने बताया कि उसके ग्राहकों में ज्यादातर युवा, जिसमें महिलाएं भी शामिल है उससे संपर्क करते थे और ऑर्डर मंगवाते थे। उसके ग्राहक हैदराबाद के अलावा कोलाकाता, बेंगलुरु, चेन्नई. पुणे और वैलोर भी है। वह हर महीने ऑनलाइन ब्रिकी के जरिए 40,000 और 60,000 रुपए की कमाई करता था। इन चॉकलेट्स की डिलीवरी पार्सल और कोरियर के जरिए की जाती थी और इसका पेमेंट ऑनलाइन बैकिंग के जरिए होता था। खान गांजे के प्रभाव को अच्छी तरह से जानता था और उसके ग्राहक उसे बार-बार फोन करते थे।

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