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जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी बोले- हिंदुस्तान का नंबर 1 का आतंकवादी था नाथूराम गोडसे

ओवैसी ने कहा कि हमने कभी मुल्क का सौदा ना किया था और ना ही करेंगे। उन्होंने कहा कि 70 सालों से हमें डराया जा रहा है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। ओवैसी ने आगे कहा, "किसने मारा था महात्मा गांधी जी को, इसपर नोटिस देंगे मेरे को आप।"

Author Updated: March 11, 2018 2:03 PM
हैदराबाद 2 मार्च को में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी एमआईएम के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय में झंडा फहराते हुए (फोटो-पीटीआई)

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा में कहा है कि नाथूराम गोडसे भारत का नंबर वन आतंकवादी था। ओवैसी ने कहा कि अगर ऐसा कहने के लिए पुलिस उसे नोटिस भेजती है तो भेज दे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। ओवैसी ने कहा कि हमने कभी मुल्क का सौदा ना किया था और ना ही करेंगे। उन्होंने कहा कि 70 सालों से हमें डराया जा रहा है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। ओवैसी ने आगे कहा, “किसने मारा था महात्मा गांधी जी को, इसपर नोटिस देंगे मेरे को आप, मैं पोलिस से पूछना चाह रहा हूं क्या आप मेरे को नोटिस देंगे, मैं गोडसे के खिलाफ बोलूंगा, हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा नंबर वन टेरेरिस्ट नाथूराम गोडसे था, तुम नोटिस दोगे मुझे, दो नोटिस मुझे, नाथूराम गोडसे कौन था।” ओवैसी के इस बयान पर जनसभा में मौजूद लोगों ने उनके समर्थन में नारे लगाये।


इधर इंडिया टुडे कान्क्लेव में एक परिचर्चा में शिरकत करने पहुंचे एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मांग की है कि उच्चतम न्यायालय बाबरी मस्जिद- राम जन्मभूमि विवाद पर अपना फैसला 2019 के लोकसभा चुनावों के संपन्न होने तक टाल दे, क्योंकि इस मुद्दे का‘‘ भारी राजनीतिकरण’’ हो जाएगा। इंडिया टुडे कान्क्लेव में‘ अयोध्या: नफरत की राजनीति’ विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में ओवैसी ने कहा कि जमीन के मुद्दे पर अयोध्या विवाद का धार्मिक आस्था से कोई लेना- देना नहीं है। ओवैसी ने कहा, ‘‘राम मंदिर का मुद्दा जमीन के मालिकाना हक का मामला है। इसका आस्था से कोई लेना-देना नहीं है। यह न्याय एवं धर्मनिरपेक्षता के शासन से जुड़ा है। हर एक को उच्चतम न्यायालय का फैसला स्वीकार करना होगा। बहरहाल, संसदीय चुनावों से पहले इस मुद्दे पर फैसला नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे भारी राजनीतिकरण हो जाएगा।’’

अयोध्या के मुद्दे पर आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर की विवादित टिप्पणियों के लिए उन्हें आड़े हाथ लेते हुए ओवैसी ने जानना चाहा कि जब वह भारत के संविधान को ही नहीं समझते तो दुनियाभर में शांति पर उपदेश कैसे दे सकते हैं। ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘वह यह कहने वाले कौन होते हैं कि यदि मसले को नहीं सुलझाया गया तो भारत सीरिया बन जाएगा?’’ बता दें कि श्री श्री रविशंकर ने कहा था कि अगर अयोध्या मुद्दे का हल नहीं निकला तो भारत सीरिया बन सकता है।

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