हैदराबाद: अस्‍पताल में मौतें रोकने के लिए हुआ हवन, डॉक्‍टर और मेडिकल स्‍टूडेंट्स रहे मौजूद - Hyderabad Hospital Holds 'Havan' To Reduce Deaths - Jansatta
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हैदराबाद: अस्‍पताल में मौतें रोकने के लिए हुआ हवन, डॉक्‍टर और मेडिकल स्‍टूडेंट्स रहे मौजूद

अस्पताल में आगे से कोई अशोभनीय घटना ना हो इसके लिए प्रसूति वार्ड में करीब चार घंटे तक महामृत्युंजय हवन कराया गया। हवन में शामिल होने वाले डॉक्टर ने कहा कि हवन से मां और नवजात को दैवीय आशीर्वाद प्राप्त होगा।

अस्पताल में आगे से कोई अशोभनीय घटना ना हो इसके लिए प्रसूति वार्ड में करीब चार घंटे तक महामृत्युंजय हवन कराया गया। (ANI)

हैदराबाद के गांधी अस्पताल में सोमवार को हवन पूजा का आयोजन कराया गया। अस्पताल के प्रसूति विभाग में वरिष्ठ डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मेडिकल स्‍टूडेंट्स ने मिलकर हवन पाठ कराया। कुछ दिन पहले इसी अस्पताल में आग लगने की वजह से कुछ लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद से इस प्रसूति विभाग में लगातार मरीजों की अकारण मौत हो रही है। इसी वजह से अस्पताल प्रशासन ने गर्भवति महिलाओं और नवजातों के कल्याण के लिए यह हवन कराया। बताया जा रहा है कि यह अस्पताल करीब 150 साल पुराना है। इसे शुरुआत में तीन वार्ड के साथ शुरू किया गया था। आज यह 1800 बिस्तरों वाला अस्पताल है। इसके अलावा इस अस्पताल का मेडिकल कॉलेज भी है। आंध्र प्रदेश का यह पहला ऐसा अस्पताल है, जहां ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी।

हाल के सप्ताह में यहां डिलिवरी के दौरान कई नवजात शिशुओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों पर गांधी अस्पताल के उप अधीक्षक एन नरसिम्हा राव ने कहा, ‘हमारे यहां ज्यादातर गंभीर मामले सामने आते हैं, हम उन्हें डिलिवरी के लिए मना नहीं कर सकते, इसी वजह से मौतें हो रही हैं।’

अस्पताल में आगे से कोई अशोभनीय घटना ना हो इसके लिए प्रसूति वार्ड में करीब चार घंटे तक महामृत्युंजय हवन कराया गया। हवन में शामिल होने वाले डॉक्टर ने कहा कि हवन से मां और नवजात को दैवीय आशीर्वाद प्राप्त होगा। इस मामले में उप अधीक्षक एन नरसिम्हा राव ने कहा कि मामले की औपचारिक रुप से जांच भी कराई जाएगी। साथ ही जो भी दोषी होगा उसपर उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं पसूति विभाग की प्रमुख डॉक्टर हरि अनुपमा ने कहा कि इस हवन का आयोजन कुछ नर्सों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने मिलकर हवन कराया है। इसमें सरकार की ओर से कोई मदद नहीं किया गया था। इसका खर्च उन्होंने स्वेच्छा दान से जमा किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो दो-तीन महीने पहले यहां के प्रसूति विभाग में रोजाना 25-30 डिलिवरी कराई जाती थी, लेकिन अब इसकी संख्या दोगुनी हो गई है। यह बढ़ोतरी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की ‘केसीआर किट्स (KCR Kits)’ योजना से हुई है। इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में डिलिवरी करवाने पर मां और नवजात को नकदी के साथ कई तरह तरह के जरूरी सामान दिए जाते हैं। ऐसी ही योजना तमिलनाडु में मुख्यमंत्री रहते हुए जयललिता लेकर आई थीं।

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