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अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने बीजेपी ने मुस्लिम एबीवीपी नेता को उतारा, जानिए कौन हैं शहजादी सैयद

भाजपा ने शाहजदी सैयद को हैदराबाद में चंद्रयानंगट्टा विधानसभा क्षेत्र से अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए उतारा है। वे कहती हैं कि डर की वजह से लोग ओवैसी को वोट देते हैं। ओवैसी ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया है।

Author November 3, 2018 12:00 PM
अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने बीजेपी ने मुस्लिम एबीवीपी नेता शहजादी सैयद को उतारा। (एक्सप्रेस फोटो)

श्रीनिवास जन्याला

भाजपा ने मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ता और एबीवीपी नेता शाहजदी सैयद को हैदराबाद में चंद्रयानंगट्टा विधानसभा क्षेत्र से चार बार एआईएमआईएम विधायक रह चुके अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए उतारा है। एआईएमआईएम के जनाधार वाले इलाके में कई लोगों को लगता है कि चंद्रयानगट्टा में 26 वर्षीय सैयद के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। वहीं, सैदय जीत के प्रति आश्वस्त हैं। सैयद ने शुक्रवार को इंडियन एक्सप्रेस को शुक्रवार (2 नवंबर) बताया, “पुराने शहर के मुस्लिम एक बदलाव चाहते हैं। समाज के लोग धर्म से हटकर नौकरी और विकास के लिए वोट करेंगे। एआईएमआईएम इनमें से किसी भी लक्ष्य को पूरा करने में असफल रहा है। मेरे लिए जीतने का अच्छा मौका है।” ओसमानिया विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में पोस्टग्रेजुएट सैयद अदिलाबाद की रहने वाली हैं। ओसमानिया विश्वविद्याल ज्वाइन करने के बाद वे वर्ष 2014 में हैदराबाद आ गई थी।

सैयद कहती हैं, “2009 में एक अलग राज्य की मांग के लिए शुरू हुए आंदोलन के बाद से मैं छात्र राजनीति में सक्रिय हूं। मैं एबीवीपी का हिस्सा हूं। मुझे लगता है कि यह सबसे ज्यादा प्रगतिशील और लोकतांत्रिक छात्र संगठन है और उनके राष्ट्रवाद की भावना से मैं प्रभावित हूं। मैं एबीवीपी में कई पदों पर रह चुकी हूं।” 7 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने से पहले सैयद एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य थी।

वे कहती हैं, “मुस्लिम भाजपा को हिन्दुओं के प्रति निष्ठावान पार्टी समझने की गलती करते हैं। मुझे लगता है कि यह एक सेक्यूलर और लोकतांत्रिक पार्टी है। जब मैं भाजपा में शामिल हुई, कई सारे मुसलमानों ने मुझे बधाई दी। यह वह पार्टी है जो एक मुस्लिम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाने के लिए नामित करती है। मुख्तार अब्बास नकवी और सिकंदर भक्त जैसे नेता भाजपा के साथ हैं। मैंने महसूस किया कि करीब 4 प्रतिशत मुसलमानों ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट किया।”

सैयद मुस्लिम महिलाओं को कानूनी मदद के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। उनकी सहायता के लिए काम करती हैं। भाजपा नेतृत्व की नजर इस साल जुलाई में सैयद पर पड़ी, जब उन्होंने हैदराबाद में हिंदू सीर स्वामी परिपूर्णानंद को जिलाबदर करने के विरोध में बड़ी भीड़ इकट्ठा की थी। उन्होंने स्वामी को हैदराबाद पुलिस द्वारा जिलाबदर करने को लेकर कई बार तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की भी आलोचना की थी। दरअसल, रामायण के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर फिल्म आलोचक काठी महेश के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई थी, तो स्वामी ने आंदोलन शुरू करने की धमकी दी थी।

शुक्रवार को इस मुद्दे पर बात करते हुए सैयद ने कहा, “उनके साथ इस तरह का व्यवहार करना गलत था। उन्होंने किसी तरह का अपराध नहीं किया था?” यह पूछे जाने पर कि चार बार के विधायक रह चुके अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मुकाबला कैसे करेंगी, वे कहती हैं, “लोग डर की वजह से ओवैसी को वोट देते हैं। एआईएमआईएम ने मुस्लिमों के लिए क्या किया है?” भाजपा तेलंगाना प्रमुख के लक्ष्मण कहते हैं कि सैयद में काफी क्षमता है। वह एक फायरब्रिगेड नेता है। ओवैसी के खिलाफ वह एक सही उम्मीदवार है।

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