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तेलंगाना: सब पोस्टमास्टर ने सॉफ्टवेयर में गलत एंट्री कर एक साल में लगाया करोड़ों का चूना, सीबीआई ने दर्ज किया केस

सब-पोस्टमास्टर ने 2021-22 के दौरान 18 लेनदेन में गलत एंट्री कर 1.14 करोड़ रुपए की हेराफेरी की।

तेलंगाना: सब पोस्टमास्टर ने सॉफ्टवेयर में गलत एंट्री कर एक साल में लगाया करोड़ों का चूना, सीबीआई ने दर्ज किया केस
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Photo Credit – Indian Express)

सीबीआई ने तेलंगाना के एक गांव में उप-डाकपाल (Sub-Postmaster) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सब-पोस्टमास्टर पर आरोप है कि उसने डाक विभाग की लेखा प्रणाली में सेंध लगाकर एक साल में लगभग 1.72 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि तेलंगाना के मेदक जिले में कोडाकांडला उप डाकघर में पोस्टेड के. सतीश ने 2021-22 के दौरान 18 लेनदेन में एक खास इरादे से अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में गलत तरह से एंट्रीज़ कीं। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने यह भी पाया कि उसने डाकघर के खातों से अस्थायी रूप से 1.14 करोड़ रुपए की हेराफेरी की। सीबीआई ने जानकारी दी कि सतीश ने छुट्टियों और रविवार को डाकघर के SAP सॉफ्टवेयर सिस्टम में फर्जी प्रविष्टियां कीं। दरअसल, इन दिनों डाकघर की रिपोर्ट हेड ऑफिस को नहीं भेजी जाती है।

पुरानी डेट्स पर किया लेनदेन: सब पोस्टमास्टर ने पोस्टमास्टर की जानकारी के बिना सब ऑफिस के दैनिक खातों में पिछली तारीखों के साथ SAP में कोड का इस्तेमाल कर नकद लेनदेन किया। डाक विभाग ने अपने ऑडिट में पाया कि उसी दिन राशियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान के तहत पुरानी डेट्स के साथ पोस्ट किया गया था ताकि संबंधित तिथियों के क्लोसिंग बैलेंस को मैच किया जा सके।

कर्नाटक डाक विभाग में 1.37 करोड़ रुपए की ठगी: इसी तरह के मामले में कर्नाटक के यादगीर जिले के गोगी में डाक विभाग की उप शाखा के दो कर्मचारियों पर पेंशन पाने वाले लोगों के खाते से 1.37 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप था। इस केस में दो कर्मचारियों और दो अन्य लोगों के खिलाफ गोगी थाने में मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद दो आरोपी कर्मचारियों में से एक कर्मचारी ने गिरफ्तारी के डर से आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस ने बताया था कि आरोपियों ने अपने दोस्तों के फोन नंबरों के इस्तेमाल से आठ अलग-अलग अकाउंट एक ही ब्रांच खोले और फिर उन नंबरों को 293 खाताधारकों से जोड़ दिया। आरोपियों ने सभी 293 खाताधारकों के खाते से पैसे निकालने के लिए प्रत्येक खाते को लिंक और डीलिंक किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के दोस्त इस ठगी के मामले से बिलकुल अंजान थे, जिनका नंबर खातों में इस्तेमाल किया गया था।

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