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विधानसभा भंग होते ही चुनावी मोड में KCR- राहुल गांधी को बताया सबसे बड़ा मसखरा, ओवैसी की पार्टी को दोस्त

केसीआर ने कहा, ''सब जानते हैं कि राहुल गांधी क्या हैं... देश के सबसे बड़े मसखरे हैं। पूरे देश ने देखा है कि कैसे वह श्री नरेंद्र मोदी के पास गए और गले मिले, उन्हें आंख मारते हुए देखा है। वह हमारे लिए ऐसी संपत्ति हैं कि जिताना ज्यादा तेलंगाना आएंगे, हम उतनी ही ज्यादा सीटें जीतेंगे।''

केसीआर और राहुल गांधी। (फोटो सोर्स क्रमश:- एएनआई और एक्सप्रेस आर्काइव)

समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने के उद्देश्य से गुरुवार (6 सितंबर) को तेलंगाना विधानसभा भंग करने वाले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को मस्खरा बताया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने कहा, ”सब जानते हैं कि राहुल गांधी क्या हैं… देश के सबसे बड़े मसखरे हैं। पूरे देश ने देखा है कि कैसे वह श्री नरेंद्र मोदी के पास गए और गले मिले, उन्हें आंख मारते हुए देखा है। वह हमारे लिए ऐसी संपत्ति हैं कि जिताना ज्यादा तेलंगाना आएंगे, हम उतनी ही ज्यादा सीटें जीतेंगे।” केसीआर अभी से पूरी तरह चुनावी मूड में देखे जा रहे हैं। उन्होंने राज्य में असदुद्दीन की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ भविष्य की चुनावी गठजोड़ की संभावनाओं पर नरम रुख दिखाया। एएनआई के मुताबिक केसीआर मे कहा, ”हम अकेले चुनाव लड़ने जा रहे हैं लेकिन कोई संदेह नहीं है कि हम एमआईएम (आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के दोस्त हैं।”

उन्होंने बीजेपी के साथ किसी समझौते की संभावना से यह कहते हुए इनकार किया कि ”टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) सौ फीसदी धर्म निरपेक्ष पार्टी है। हम बीजेपी से हाथ कैसे मिला सकते हैं?” बता दें कि सामान्य प्रक्रिया के तहत तेलंगाना विधानसभा के चुनाव 2 जून 2019 में होने थे। इस प्रकार उनके लोकसभा चुनाव के साथ होने की संभावना बन रही रही थी लेकिन केसीआर ने समय पूर्व चुनाव की चाहत में विधानसभा भंग करने का फैसला लिया और राज्यपाल ने भी उनके फैसले को मंजूरी दे दी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी वर्ष होने वाले राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव के साथ तेलंगाना के चुनाव भी होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में अपने लिए अच्छी फिजा देखते हुए केसीआर ने समय पूर्व चुनाव कराने को लेकर विधानसभा भंग कराई। हालांकि, राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हा ने उन्हें कार्रकारी मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कहा है। केसीआर को लेकर यह बात भी सुर्खियां बटोर रही है कि उन्होंने अपने लकी नंबर 6 को देखते हुए 6 सितंबर को विधानसभा भंग कराई।

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