लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का चेहरा रहे तेज प्रताप यादव राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ चुके हैं। पहले तेज प्रताप यादव आरजेडी से निकल गए और उसके बाद बीते 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी खुद की सीट हार गए। हालांकि तेज प्रताप अपनी राजनीतिक पहचान वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने खुद को बिज़ी रखने के तरीके ढूंढ लिए हैं। सोशल मीडिया पर रेगुलर मौजूदगी बनाए रखने से लेकर रियलिटी टीवी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में काम करने तक वह सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया पर बिज़ी तेज प्रताप
पिछले हफ़्ते 9 अगस्त को 38 साल के तेज प्रताप ने X पर एक पोस्ट में कहा, “बहुत जल्द, पूरा देश और पूरा एशिया कुछ नया देखने वाला है। कुछ खास और फ्रेश जल्द ही आने वाला है, जिसमें इकलौती मल्लिका शेरावत हैं। अभी के लिए, यह एक सस्पेंस है, इसलिए अपना दिल थाम कर रखें और अपने चेहरे पर ज़्यादा चिंता न आने दें।” तेज प्रताप यादव भले ही इन कामों में खुद को बिज़ी रखते हों, लेकिन हाल के सालों में उनकी राजनीतिक ताकत में काफी गिरावट आई है।
मई 2025 में एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद RJD से तेज प्रताप निकाले गए थे। पोस्ट में उन्होंने एक महिला के साथ रिश्ते का इशारा किया था। साथ ही वह अपनी अलग रह रही पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक का केस लड़ रहे थे। तेज प्रताप ने नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपनी पार्टी, जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाई थी।
JJD को नहीं मिली सफलता
हालांकि JJD ने विधानसभा चुनाव में कई उम्मीदवार उतारे, लेकिन वह अपना खाता भी नहीं खोल पाई। तेज प्रताप खुद महुआ सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और RJD के उम्मीदवारों के पीछे तीसरे नंबर पर रहे।
तब से तेज प्रताप राज्य में अपनी राजनीतिक जगह फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार उन्होंने जन सुराज पार्टी (JSP) के फाउंडर प्रशांत किशोर की तारीफ की है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके को भी बिहार बुलाया है। उन्होंने पिछले महीने NEET पेपर लीक को लेकर पटना में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘बेउर सेंट्रल जेल भेजने’ के लिए धन्यवाद भी दिया है।
ज्यादा समय नहीं हुआ जब तेज प्रताप यादव अपने माता-पिता और छोटे भाई तेजस्वी यादव के साथ 10, सर्कुलर रोड पर एक ही घर में रहते थे, जो मुख्यमंत्री के 1, अणे मार्ग वाले घर के ठीक पीछे है। 2025 के विधानसभा चुनावों में NDA की ज़बरदस्त जीत के बाद हालात और खराब हो गए, जिसके बाद लालू और राबड़ी को अपना सरकारी घर खाली करना पड़ा। महुआ से हारने के बाद तेज प्रताप ने अपना सरकारी घर खाली कर दिया और तब से एक आरजेडी एमएलसी के सरकारी घर में रह रहे हैं।
2025 में तेज प्रताप को लगा बड़ा झटका
एक वरिष्ठ आरजेडी नेता ने कहा, “2025 के चुनावों ने खास तौर पर तेज प्रताप को बहुत बड़ा झटका दिया। वह महुआ में LJP (RV) और RJD से बहुत पीछे तीसरे नंबर पर रहे, यह वही इलाका है जहां से वह पहली बार (2015 में) विधानसभा पहुंचे थे। JJD, जो विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक राजनीतिक पार्टी बनी थी, अब लगभग एक मामूली पार्टी है। स्वास्थ्य मंत्री से लेकर राजनीतिक रूप से बेमतलब होने तक, तेज प्रताप ने एक दशक में ही राजनीतिक ज़मीन खो दी। उनकी राजनीतिक किस्मत तभी चमक सकती है जब आरजेडी वापसी करे और तेजस्वी अपने बड़े भाई के साथ सुलह कर लें।”
तेजस्वी अभी आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष होने के साथ-साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) भी हैं। तेज प्रताप जहां पारिवारिक रिश्ते बनाए रखने और अपने रिश्तेदारों से फिर से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं आरजेडी ने उन्हें वापस लाने का कोई संकेत नहीं दिया है। हालांकि, पर्सनल तौर पर तेजस्वी ने हाल ही में बेउर जेल से रिहा होने के बाद तेज प्रताप से मिलकर भाईचारे का रिश्ता निभाया, जबकि लालू भी इस अप्रैल में उनकी जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए थे।
पीएम मोदी पर तेज प्रताप ने साधा निशाना
राजनीतिक रूप से घिरे होने के बावजूद तेज प्रताप मीडिया में साउंड बाइट के लिए लगातार फॉलो किए जा रहे हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिमागी नक्सल वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा, “पीएम बताएं कि ‘दिमागी नक्सल’ कौन है। उन्हें यह भी जांच करनी चाहिए कि क्या ऐसे तत्व उनकी पार्टी (BJP) में भी हैं।”
बिहार की राजनीति पर उनके विचारों की बात करें तो, उन्होंने JSP के लिए अपने लगाव को नहीं छिपाया है। किशोर को बांकीपुर उपचुनाव में जीत की बधाई देते हुए उन्होंने X पर पोस्ट किया, “यह जीत आपकी अथक मेहनत, लगन और लोगों के भरोसे का नतीजा है।”
सम्राट को दी चेतावनी
तेज प्रताप ने अभिजीत दिपके को बिहार आने और लोगों की आवाज़ बनने के लिए भी आमंत्रित किया है। इसके विपरीत उन्होंने 30 जुलाई को पटना में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी के बाद उनसे कहा, “मुझे जेल भेजकर, आपने मुझे लोगों के बीच और भी मजबूती से खड़े होने का मौका दिया है।”
लेकिन लालू परिवार के बड़े वारिस राज्य में अपनी राजनीतिक ज़मीन वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके एक करीबी सहयोगी ने कहा, “यह उस व्यक्ति के लिए ज़्यादा मुश्किल है जो CM के घर में पला-बढ़ा हो और जिसने सालों तक सत्ता को इतने करीब से देखा हो। लेकिन फिर राजनीति एक बराबर का मैदान है।”
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जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपने पूर्व सहयोगी आकाश यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। साथ ही तेज प्रताप ने आकाश पर अपनी और अपने पिता लालू प्रसाद की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। तेज प्रताप ने शुक्रवार को सचिवालय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
