Tarun Murder Case: होली के दौरान पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में पड़ोसियों से झड़प में 26 वर्षीय युवक की हत्या एक बड़े विवाद की वजह बन गया। पिछले एक हफ्ते से इस केस की चर्चा अखबारों और मीडिया में हो रही है। अब तरुण के परिवार के लोगों ने दिल्ली पुलिस की जांच को लेकर असंतोष जाहिर किया और मांग की कि तरुण की हत्या की जांच सीबीआई या फिर एसआईटी से कराई जाए।
दरअसल, नई दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तरुण परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि तरुण कुमार पर हुए हमले में लगभग 30-40 लोग शामिल थे, लेकिन स्थानीय पुलिस ने अब तक केवल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस की जांच पर सवाल खड़े किए हैं।
तरुण हत्याकांड का क्या है पूरा मामला?
तरुण कुमार की हत्या 4 मार्च को उस समय हुई थी, जब उनके परिवार की एक लड़की द्वारा फेंके गए पानी के गुब्बारे की छींटे, पड़ोसी पर गिरने की वजह से विवाद हुआ था। हिंसा में तब्दील हो गया। तरुण की मां ने कहा, “इतने सारे लोग आए और एक छोटी सी बात पर मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा। हम उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने बच्चे के लिए न्याय चाहते हैं।”
गौरतलब है कि तरुण के परिवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में होली के दिन हुए हमले में घायल हुए तरुण के माता-पिता और चाचा मौजूद थे। उनकी मां ने कहा कि परिवार चल रही जांच से संतुष्ट नहीं है और मामले को सीबीआई या किसी विशेष टीम को सौंपने की मांग कर रहा है।
अन्य आरोपियों की भी हो पहचान
तरुण के परिवार ने यह भी मांग की कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए उनके घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की दोबारा जांच की जाए। पुलिस ने पहले बताया था कि दोनों परिवार लगभग पांच दशकों से एक-दूसरे को जानते थे और पार्किंग और कचरा निपटान जैसे मुद्दों पर उनके बीच अक्सर विवाद होते रहते थे।
दोनों गुटों की झड़प के दौरान, तरुण पर कथित तौर पर हमला किया गया और बाद में चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। उनकी हत्या के बाद, इलाके में तनाव का माहौल छा गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई।
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उत्तम नगर के हस्तसाल गांव में स्थित जेजे कॉलोनी के ब्लॉक ए में 4 मार्च को शांतिपूर्ण होली मनाई गई थी। शाम को 26 साल के तरुण कुमार अपने दोस्तों से मिलने घर से निकले। यही आखिरी बार था जब उन्होंने अपने परिवार को देखा था। कुछ घंटों बाद, जब वह अपने घर के पास बाइक पार्क कर रहे थे, तो उन पर रॉड , हॉकी स्टिक, क्रिकेट बैट और पत्थर से हमला किया गया और उन्हें सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया गया। पढ़िए पूरी खबर…
