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”बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाएं नीतीश, अन्यथा एनडीए से बाहर आएं”

सांसद तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार राजग की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री बने और केन्द्र में जब मनमोहन सिंह की सरकार थी तो इन्होंने बिहार के विशेष राज्य के दर्जे को अपना राजनीतिक हथियार बनाया और लगातार बिहार के पिछड़ेपन को आधार बनाकर विशेष राज्य के दर्जे की मांग करते रहे।

Author पटना | April 16, 2018 9:03 PM
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महासचिव तथा कटिहार संसदीय क्षेत्र से सांसद तारिक अनवर ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाएं अन्यथा राजग गठबंधन से बाहर आएं। राकांपा की राज्य कार्यकारिणी की सोमवार को संपन्न विस्तारित बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए तारिक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाएं अन्यथा राजग गठबंधन से बाहर आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विडंबना ही है कि जब सन 2000 में बिहार का विभाजन हुआ था और विभाजन के बाद एक नए राज्य झारखण्ड का उदय हुआ था उस समय भी बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केन्द्र की राजग सरकार में मजबूत मंत्री थे। पर उस समय भी उन्होंने बिहार के विभाजन के उपरान्त होने वाली क्षति पूर्ति के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किया था।

तारिक ने आरोप लगाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार राजग की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री बने और केन्द्र में जब मनमोहन सिंह की सरकार थी तो इन्होंने बिहार के विशेष राज्य के दर्जे को अपना राजनीतिक हथियार बनाया और लगातार बिहार के पिछड़ेपन को आधार बनाकर विशेष राज्य के दर्जे की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि आज जब केन्द्र तथा राज्य दोनों जगह राजग की सरकार है और नीतीश इसके अंग हैं तो राकांप उनसे मांग करती है कि विशेष राज्य के दर्जे को हासिल करें ताकि बिहार के विकास के मार्ग की बाधा को दूर हो सके। तारिक ने कहा कि साथ ही नीतीश जी को प्रधानमंत्री से बिहार के लिए उनके द्वारा घोषित 1.65 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग भी करनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि यदि विशेष राज्य का दर्जा नीतीश जी की प्रतिबद्धता है तो इन्हें चन्द्रबाबू नायडू की तरह नैतिक बल का परिचय देते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए। तारिक ने यह भी कहा कि अगर प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता है तो सभी जनप्रतिनिधि अपने पदों से इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एवं संघ परिवार की साम्प्रदायिक गतिविधियों के कारण विगत कुछ महीनों में बिहार में सामाजिक समरसता एवं सौहार्द का वातावरण दूषित हुआ है।
तारिक ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार के लोग जानबूझकर सोची समझी रणनीति के तहत पूरे राज्य में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश में लगे हैं, ताकि वह अपने वोट बैंक को पुख्ता कर सकें।

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