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तमिलनाडु: किसान अब भी हलकान, पर दोगुनी हुई विधायकों की सैलरी, सांसद भी मांग रहे इनक्रीमेंट

सैलरी के अलावा विधायकों ने पेंशन की राशि में भी बढ़ोत्तरी की है। अब पूर्व विधायकों की पेंशन राशि 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है।
जन्तर-मन्तर पर प्रदर्शन के दौरान किसान। (फोटो-पीटीआई)

तमिलनाडु में एक तरफ किसान मर रहे हैं और कर्जमाफी के लिए चेन्नई से लेकर दिल्ली तक की सड़कों पर नंग-धड़ंग प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु के विधायकों ने अपनी तन्ख्वाह में 100 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। अब वहां के विधायक पहले की अपेक्षा 50 हजार रुपये ज्यादा यानी कुल 1 लाख पांच हजार रुपये की सैलरी हर महीने उठाएंगे। सैलरी के अलावा विधायकों ने पेंशन की राशि में भी बढ़ोत्तरी की है। अब पूर्व विधायकों की पेंशन राशि 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है।

इसके अलावा विधायकों ने लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड में भी इजाफा किया है। अब विधायक क्षेत्रीय विकास फंड 2 करोड़ से बढ़ाकर 2.6 करोड़ रुपये कर दिया गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने आज (19 जुलाई) विधानसभा में इस फैसले की घोषणा की।

देखिए: मूत्र पिया, चूहे खाए, पीएमओ के सामने नग्न प्रदर्शन, 39 दिन धरने के बाद किसानों को मिला नरेंद्र मोदी का आश्वासन

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इधर, संसद में भी कुछ इसी तरह की मांग सांसदों ने की है। राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल और कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने सांसदों का वेतन बढ़ाने का मुद्दा उठाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि दुनियाभर के देशों में सबसे कम तन्ख्वाह भारत के सांसद ही उठाते हैं। आनंद शर्मा ने यह बात उस वक्त कही जब सदन में किसानों के मुद्दे पर बहस शुरू होनेवाली थी। इसके बाद किसानों के मुद्दे पर सदन में हंगामा होने लगा।

बाद में नरेश अग्रवाल ने सीएनएन-न्यूज 18 को बताया कि जब पत्रकार और न्यायपालिका के लोग बेहतर सैलरी और सुविधाओं की मांग करना बंद कर देंगे तो हमलोग भी ऐसी मांग नहीं उठाएंगे। उन्होंने पूछा कि जब हमलोग वेतन बढ़ोत्तरी की मांग करते हैं तो इसमें दिक्कत क्या है? उन्होंने कहा कि सांसद ऐसी मांग क्यों नहीं कर सकता जब इसी देश में जज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने वही मांगा जिसके हकदार हम सातवें वेतन आयोग के हिसाब से हैं।

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