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5 साल के बीमार बेटे के इलाज को नहीं हैं पैसे, मासूम के लिए मौत मांग रहे माता-पिता

पांच साल तक इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने के बाद बच्चे के परिजन अपने मासूम बेटे के लिए मौत की मांग कर रहे हैं क्योंकि वे उसे बीमारी के कारण और तड़पता हुआ नहीं देख सकते। परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की है।

Author कन्याकुमारी | February 6, 2018 2:46 PM
जन्म से ही डेनिस कुमार और मैरी का बेटा सिम्प्टमैटिक डाउन सिंड्रोम बीमारी से जूझ रहा है। (Photo Source: Video Grab)

माता-पिता के लिए उसके बच्चे से बढ़कर कुछ नहीं होता है और यही वजह है कि वे उसे दर्द में नहीं देख पाते। सीएनएन के अनुसार, ऐसा ही एक मामला कन्याकुमारी में देखने को मिला है जहां पर माता-पिता अपने पांच साल के बेटे के लिए इच्छा-मृत्यु की मांग कर रहे हैं। जन्म से ही डेनिस कुमार और मैरी का बेटा सिम्प्टमैटिक डाउन सिंड्रोम बीमारी से जूझ रहा है। परिजनों का आरोप है कि यह बीमारी उसे जन्म के समय विलियम्स अस्पताल की लापरवाही के कारण हुई थी। परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की है। अस्पताल की लापरवाही के कारण डेनिस और मैरी का बेटा इतनी खराब हालत में है कि वह न तो सुन सकता है और न ही बोल सकता है।

इस पर बात करते हुए मैरी ने कहा “डिलीवरी के दौरान विलियम्स अस्पताल की मेडिकल लापरवाही के चलते मेरे बेटे की जिंदगी खराब हो गई है। उन्होंने इसके जन्म के दौरान इसके सुगर की मात्रा कम होने की जांच नहीं की, जिसके कारण एक हफ्ते में ही इसकी हालत खराब हो गई। हम पिछले पांच सालों से इसके इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं।” मैरी ने कहा “हम इसका इलाज नहीं करा सकते, न मदद कर पा रहे हैं और अन्य कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा है। हम इसे और ज्यादा दर्द में नहीं देख सकते हैं।” बच्चे के पिता डेनिस कुमार दिहाड़ी पर कंस्ट्रक्टिंग साइट पर काम करते हैं, जिसके उन्हें रोजाना 900 रूपए मिलते हैं।

इस छोटी सी कमाई में घर का खर्चा चलाना और फिर बच्चे का इलाज कराना उनके लिए नामुमकिन है। पांच साल तक इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने के बाद बच्चे के परिजन अपने मासूम बेटे के लिए मौत की मांग कर रहे हैं क्योंकि वे उसे बीमारी के कारण और तड़पता हुआ नहीं देख सकते। डेनिस ने कहा “हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में दखल दे और हमारी मदद करे क्योंकि हम अपने बेटे का इलाज नहीं करा पा रहे हैं। अगर ऐसा नहीं हो सकता तो हमें हमारे बेटे के लिए इच्छा-मृत्यु की इजाजत दें।” इसके साथ ही परिवार की मांग है कि विलियम्स अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए जिसके कारण किसी और के बच्चे के साथ ऐसा न हो।

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