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राशन की दुकान में 5000 रुपये की नौकरी के लिए एमफिल, इंजीनियरिंग डिग्रीवाले कतार में, 117 पद के लिए 18,200 आवेदन

भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 220 अधिकारियों को तैनात किया गया है जो ज्वाइन्ट रजिस्ट्रार की निगरानी में काम कर रहे हैं। 30-30 लोगों की झुंड बनाकर आवेदकों का इंटरव्यू लिया जा रहा है और उनके कागजात देखे जा रहे हैं।
तस्वीर का इस्तेमाल सांकेतिक तौर पर किया गया है।

देश में नौकरियों का अकाल और बेरोजगारों की फौज इस कदर है कि राशन की दुकान में 5000 रुपये वेतन वाली सेल्समैन की नौकरी के लिए एम.ए., बी.ए. डिग्रीधारियों की बात तो छोड़ दीजिए, एम.फिल. और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले युवा भी इसकी कतार में आ खड़े हुए हैं। तमिलनाडु में राशन की दुकानों में सेल्समैन के कुल 117 पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे जिसमें कुल 18 हजार 200 युवकों ने आवेदन किए हैं। आवेदन में योग्यता 12वीं पास रखी गई थी लेकिन उच्च शिक्षित युवकों ने भी आवेदन किया है। विभाग ने जांच-पड़ताल के बाद कुल 15000 उम्मीदवारों को प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के लिए बुलाया है।

बुधवार (17 जनवरी) को आवेदकों के प्रमाण-पत्रों का सत्यापन शुरू हो गया। इस दौरान तिरुनेवेली डिस्ट्रिक्ट सेंट्रस कॉपरेटिव सोसायटी में युवकों की लंबी कतार दिखी। इनमें से अधिकांश उच्च शिक्षित थे। प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर रहे अधिकारी इन उम्मीदवारों को देख दंग रह गए। बता दें कि तमिलनाडु में ज्वाइन्ट रजिस्ट्रार ऑफ कॉपरेटिव सोसायटीज के तहत कुल 807 फुल टाइम और 375 पार्ट टाइम राशन की दुकानें संचालित हैं। इन्हीं दुकानों के लिए कुल 117 रिक्तियों के लिए आवेदन मंगाए गए हैं। आवेदन के नियमों के मुताबिक चयनित अभ्यर्थियों को पहले एक साल तक पांच हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, उसके बाद उन्हें पे स्केल का वेतन दिया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने ‘द हिन्दू’ को बताया कि कुल 15 हजार उम्मीदवारों को सत्यापन के लिए बुलाया गया है। 1500 उम्मीदवारों की स्क्रूटनी हर दिन की जा रही है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया 10 दिनों में पूरी कर ली जाएगी। अधिकारी के मुताबिक जो लोग शारीरिक रूप से अक्षम हैं उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन ग्राउंड फ्लोर पर हो रहा है, जबकि बाकी लोगों को फर्स्ट फ्लोर पर बुलाया गया है।

अधिकारी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 220 अधिकारियों को तैनात किया गया है जो ज्वाइन्ट रजिस्ट्रार की निगरानी में काम कर रहे हैं। 30-30 लोगों की झुंड बनाकर आवेदकों का इंटरव्यू लिया जा रहा है और उनके कागजात देखे जा रहे हैं। इधर, कुछ उच्च डिग्रीधारी उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें 12वीं पास उम्मीदवारों के साथ लाइन में खड़े रहने में या बाद में उनके साथ काम करने में कोई परहेज नहीं है।

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