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चीफ जस्टिस के शपथ समारोह में नेताओं, अफसरों से बैठाया पीछे तो भड़क उठे जज, व्हाटसप पर लगाई क्लास

जस्टिस रमेश ने शिकायत की है कि जब हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने राजभवन में बैठने की व्यवस्था देखी तब उन्होंने इसकी शिकायत की थी बावजूद इसके राजभवन के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

मद्रास हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

चेन्नई में रविवार (12 अगस्त) को राजभवन में मद्रास हाई कोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस विजय कमलेश ताहिलरमानी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था जिसमें जजों को बैठाने पर विवाद उठ खड़ा हुआ है। दरअसल, हाई कोर्ट के जजों को मंत्रियों (नेताओं) और पुलिस अधिकारियों के पीछे बैठाया गया था जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। समारोह में बैठाने की इस व्यवस्था से खफा जस्टिस रमेश ने जजों के ऑफिशियल व्हाटसअप ग्रुप में लिखकर नाराजगी जाहिर की और लिखा कि क्या राजभवन के अधिकारियों को प्रोटोकॉल मालूम नहीं है। जस्टिस रमेश ने लिखा है कि राजभवन में सीटिंग अरेंजमेंट से उन्हें घोर निराशा हुई है और दुख पहुंचा है।

उन्होंने लिखा है, ”मैं इस पूरे घटनाक्रम से निराश हूं। यह एक गंभीर मामला है। क्या राजभवन संवैधानिक पदों पर बैठे जज और पुलिस अधिकारियों के पदानुक्रम (हैरारिकी) से परिचित नहीं है या फिर वह समझते हैं कि हाईकोर्ट के जज पद और प्रतिष्ठा में मंत्रियों और पुलिस के अफसरों से छोटे होते हैं। आधिकारिक समारोह में इस तरह की व्यवस्था कतई स्वीकार नहीं है।” जस्टिस रमेश रविवार की शाम पांच बजे के करीब यह मैसेज व्हाट्सअप ग्रुप में भेजा है। जस्टिस रमेश के इस विचार से मद्रास हाई कोर्ट के कई जजों ने भी इत्तेफाक जताया है।

जस्टिस रमेश ने शिकायत की है कि जब हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने राजभवन में बैठने की व्यवस्था देखी तब उन्होंने इसकी शिकायत की थी बावजूद इसके राजभवन के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। नियमानुसार हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और सरकार में अवर सचिव रैंक के अधिकारी प्रोटोकॉल से जुड़े मामले और किसी सार्वजनिक राजकीय समारोह में बैठने की व्यवस्था देखते हैं। रजिस्ट्रार आर कनप्पन के करीबी सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि समारोह से पहले ऑडिटोरियम में बैठने की व्यवस्था दिखाए जाने से इनकार कर दिया गया था।

हाईकोर्ट के सीनियर जजों को ये बात भी बुरी लगी कि गवर्नर के सेक्रेटरी आर राजगोपाल मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन के साथ मंच पर थे। इनके अलावा डीजीपी रैंक के अधिकारी एस आर जांगड़ जिनकी राजगोपाल से घनिष्ठता है वो भी जजों से आगे बैठे हुए थे। राजगोपाल ने इंडियन एक्सप्रेस कहा कि जजों ने कोई शिकायत नहीं की थी। वैसे उन्होंने ये भी कहा कि वो बाद में इस मसले पर अपनी राय रखेंगे।

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