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20 रुपये के नोट हाथों में लेकर टीटीवी दिनाकरण के पीछे पड़ी महिलाएं, जानिए क्‍यों

चेन्नई में महिलाओं के एक समूह ने टीटीवी दिनाकरण को घेर लिया। महिलाएं हाथ में 20 रुपये का नोट लिए हुए थीं। भीड़ में शामिल महिलाओं ने दिनाकरण से वादे के मुताबिक 10 हजार रुपये प्रति वोट देने की मांग की।

अन्नाद्रमुक नेता टी टी वी दिनाकरन

रुपयों के अवैध लेनदेन के कारोबार हवाला में लेनदेन का खास तरीका होता है। इसमें 20 रूपये का नोट देकर बाकी पैसा बाद में देने का वायदा कर दिया जाता है। आरोप है कि एआईएडीएमके के बागी उम्मीदवार टीटीवी दिनाकरण ने साल दिसंबर 2017 में आरके नगर उपचुनाव में इस तरीके का इस्तेमाल वोटरों को लुभाने के लिए किया था। हालांकिे दिनाकरण ने इन आरोपों से इंकार किया था। लेकिन इन आरोपों से उन्हें रविवार (29 अप्रैल) को फिर से दो-चार होना पड़ा।

दरअसल दिनाकरण रविवार (29 अप्रैल) को अपने विधानसभा क्षेत्र में कई हफ्तों के बाद गए थे। इसी दौरान महिलाओं के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। महिलाएं हाथ में 20 रुपये का नोट लिए हुए थीं। भीड़ में शामिल महिलाओं ने दिनाकरण से वादे के मुताबिक 10 हजार रुपये प्रति वोट देने की मांग की। महिलाओं के कारण खासा हल्ला खड़ा हो गया।

मुश्किल से हटीं महिलाएं : पुलिस को महिलाओं को हटाने में खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के कारण इलाके का ट्रैफिक भी जाम हो गया। बाद में दिनाकरण ने पत्रकारों को अपनी सफाई में बताया, मैंने अपने समर्थकों से कभी ऐसा कोई वादा नहीं किया था। ये निश्चित रूप से ई. मधुसूदनन का काम है। बता दें कि आरके नगर सीट पर हुए उपचुनाव में ई. मधुसूदनन ने एआईएडीएमके की टिकट पर बागी दिनाकरण से चुनाव लड़ा था।

पुलिस के रवैये पर उठे सवाल : दिनाकरण ने इस मामले में पुलिस के रवैये की भी आलोचना की। दिनाकरण का आरोप है कि पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को तुरंत नहीं हटाया। बल्कि कुछ देर प्रदर्शन हो जाने के बाद हटाना शुरू किया। अगर पुलिस तेज प्रतिक्रिया देती तो ऐसा प्रदर्शन कैसे हो सकता था? अगर हमारी पार्टी के कार्यकर्ता भड़ककर महिलाओं से भिड़ जाते तो क्या कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ती?

लगे थे वोट खरीदने के आरोप : बता दें कि जब आरके नगर सीट पर उपचुनाव चल रहा था। उस वक्त कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि् दिनाकरण और एआईएडीएमके दोनों ही खेमे के लोगों ने बड़े पैमाने पर वोटर्स को रिश्वत देकर लुभाने की कोशिश की है। ऐसी भी मांग की गई थी कि चुनाव अभी की बजाय बाद में करवा लिए जाएं। लेकिन चुनाव आयोग ने ऐसी किसी भी मांग को मानने से इंकार कर दिया। चुनाव के नतीजों में दिनाकरण को भारी बहुमत से जीत मिली जबकि सत्तारूढ़ एआईएडीएमके का उम्मीदवार चुनाव हार गया था। वहीं विपक्षी पार्टी डीएमके के उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी।

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