ताज़ा खबर
 

तमिलनाडु के सीएम का आदेश- रमजान पर राज्यभर के मस्जिदों में चावल भेजो ताकि बन सके इफ्तार का दलिया

रमजान के दौरान राज्य की 3,000 मस्जिदों में 4,900 टन चावल की सप्लाई की जाएगी।

Riceरमजान के दौरान राज्य की 3,000 मस्जिदों में चावल की सप्लाई से राज्य सरकार पर 12.6 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने रमजान के दौरान राज्य की सभी मस्जिदों में चावल की सप्लाई करने को मंजूरी दे दी है। रमजान के दौरान इसका दलिया बनाया जाता है। यह योजना दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा शुरू की गई थी। इस योजना का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वागत किया। पहले की तरह ही इस साल भी अलग-अलग जगह से चावल बांटने की तैयारी की गई है। पलानीस्वामी ने निर्देश दिया है कि विभिन्न मस्जिदों को चावल की आपूर्ति के लिए आवश्यक मंजूरी दी जाए। वहीं जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि जरूरी  दस्तावेजों की जांच के बाद ही मंजूरी दी जाए। रमजान के दौरान राज्य की 3,000 मस्जिदों में 4,900 टन चावल की सप्लाई की जाएगी। इसमें राज्य सरकार का 12.6 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। आपको बता दें कि साल 2017 में पाक महीने रमजान की शुरुआत 27 या 28 मई से होगी। अगर चांद 26 मई को देखा गया, तो रमजान 27 मई से शुरू माने जाएंगे। वहीं अगर चांद 27 मई को दिखाई दिया तो रमजान 28 मई से शुरू होंगे।

आपको बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए 23 मई को तमिलनाडु से रवाना हुए थे। पलानीस्वामी की यह यात्रा पिछले हफ्ते दिल्ली में उनके पूर्ववर्ती और अन्नाद्रमुक के अम्मा गुट के नेता ओ पन्रीरसेल्वम की मोदी से मुलाकात के दिनों बाद हो रही है। दोनों के अगुवाई वाले गुटों में विलय की बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। पलानीस्वामी पीएम मोदी के साथ होने वाली मुलाकात में राज्य में सूखा की स्थिति सहित तमिलनाडु से संबंधित मुद्दों को उठा सकते है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ओ पन्रीरसेल्वम ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके बाद पन्नीरसेल्वम ने बताया था कि तमिलनाडु की राजनीति के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई, हालांकि मैंने राज्य से जुडे मुद्दे उठाए जिनमें राज्य के लिए लंबित कोषों का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। पन्नीरसेल्वम के मुताबिक 30 मिनट की इस मुलाकात में उन्होंने कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड की स्थापना, राज्य को एनईईटी के दायरे से छूट आदि मुद्दे भी उठाए गए। ओपीएस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि वह गंभीर सूखे से प्रभावित किसानों के मुद्दों पर गौर करेंगे।

Next Stories
1 ओ पन्नीरसेल्वम ने जताई बीजेपी से गठबंधन की संभावना, बढ़ा विवाद तो डिलीट किया ट्वीट
2 रजनीकांत ने दिया नेताओं जैसा भाषण, पर नेता बनेंगे या नहीं, यह नहीं हुआ साफ
3 बेरोजगारी से त्राह‍िमाम: पहली बार छंटनी से परेशान आईटी कर्मचार‍ियों ने की यून‍ियन बनाने की पहल
यह पढ़ा क्या?
X