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तमिलनाडु: कभी चाय बेचने वाले पन्नीरसेल्वम ने ली जयललिता का जगह, ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

पन्‍नीरसेल्‍वम इससे पहले भी दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

Author December 6, 2016 7:45 AM
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते पन्नीरसेल्वम।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद उनकी जगह उनके अत्‍यंत विश्‍वासपात्र रहे मंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम लेंगे। मगलवार आधी रात को उन्हें अन्‍नाद्रमुक पार्टी का नया नेता चुन लिया गया है। और इसके कुछ देर रात बाद उन्हें राज्‍यपाल सी विद्यासागर राव ने मुख्‍यमंत्री के रूप में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई। बतौर मुख्यमंत्री उनके अलावा और 15 अन्‍य मंत्रियों ने इस दौरान शपथ ली। पन्‍नीरसेल्‍वम इससे पहले भी दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पहली बार वो तब मुख्यमंत्री बने थे जब भ्रष्‍टाचार के केस के चलते जयललिता को अपने पद से इस्तिफा देना पड़ा था। जयललिता की बिमारी के चलते पिछले करीब दो महीनो से ज्यादा समय से वो ही राज्य में सरकार के नेतृत्व कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ओ. पन्नीरसेल्वम कभी चाय दुकान के मालिक थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह ही वो भी कभी चाय बेचा करते थे।

ओ पन्नीरसेल्वम का जन्म 14 जनवरी 1951 को तमिलनाडु के पेरियाकुलम हुआ था। कहा जाता है 1970 में उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर एक चाय की दुकान खोली थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पेरियाकुलम नगरपालिका के चेयरमैन के तौर पर की। वर्तमान में वो बोदिनायक्कनुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं जो कि थेणी जिले के अंतर्गत आती है। जयललिता के उत्तराधिकारी के रूप में एम. थम्बीदुरई, पानरुति रामचंद्रन, इडापड्डी पलानीस्वामी और अजित कुमार के भी नाम की चर्चा थी।

2001 में पहली बार बने थे मुख्यमंत्री
21 सितंबर 2001 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद जयललिता को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जिसके बाद पनीरसेल्वम को विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्होंने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर पद की शपथ ली। हालांकि उनका कार्यकाल सिर्फ छह माह का रहा। इसके बाद  2002 में उपचुनाव जीतकर जयललिता मुख्यमंत्री बन गईं।

2006 में विपक्ष के नेता के तौर पर चुने गए
साल 2006 में हुए विधानसभा चुनाव में जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके को करारी हार का सामना करना पड़ा। करुणानिधि की पार्टी डीएमके ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई। इसके बाद ओ पन्नीरसेल्वम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर चुना गया और अगले पांच साल उन्होंने बतौर नेता विपक्ष काम किया।

2014 में फिर मिली मुख्यमंत्री की कुर्सी

2011 में पन्नीरसेल्वम ने बोदिनायकनुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।  बाद में उन्हें जयललिता के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री के रूप में शामिल किया गया। वह 16 मई 2011 से 27 सितंबर 2014 तक वित्त मंत्री रहे। बाद में जब जयललिता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उन्हें जेल जाना पड़ा था, उस समय भी पनीरसेल्वम ने राज्य की कमान संभाली थी। जब से जयललिता हॉस्पिटल में भर्ती थी तब से पन्नीरसेल्वम ही कार्यकारी मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे थे।

 

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