Jayalalithaa passes away, she always kept her life private, Tamil Nadu Latest News in Hindi - अंतिम समय में परिवार का कोई नहीं था जयललिता के साथ, एक भतीजी आई भी तो पुलिस ने मिलने नहीं दिया - Jansatta
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अंतिम समय में परिवार का कोई नहीं था जयललिता के साथ, एक भतीजी आई भी तो पुलिस ने मिलने नहीं दिया

Jayalalithaa News Update: 68 साल की जयललिता निजी जिंदगी में बेहद गुप्‍त तरीके से रहा करती थीं। इस बारे में कोई जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं होने देती थीं।

जयललिता जनता के बीच अम्‍मा के नाम से मशहूर हैं। उनके निधन के बाद तमिलनाडु में शोक है। (Photo:Reuters)

तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे जयललिता नहीं रहीं। 68 साल की जयललिता निजी जिंदगी में बेहद गुप्‍त तरीके से रहा करती थीं। इस बारे में कोई जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं होने देती थीं। यहां तक कि उन्‍होंने जेल के डॉक्‍टरों को अपनी मेडिकल हिस्‍ट्री तक बताने से इनकार कर दिया था। जयललिता का आखिरी वक्‍त अकेलेपन में बीता। वह लगातार 74 दिन अस्‍पताल में रहीं और इस बीच उनसे किसी को मिलने की इजाजत नहीं थी। उनके रिश्‍तेदारों के बारे में वैसे तो कोई खास जानकारी सार्वजनिक नहीं है लेकिन एक रिश्‍तेदार ने अस्‍पताल में उनसे मिलने की कोशिश की भी तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे वापस भेज दिया।

बीमारी के दौरान जयललिता के पास उनके परिवार का एक भी सदस्‍य नहीं था। उनके परिवार में केवल एक भतीजी दीपा हैं। दीपा का जन्‍म जयललिता के चेन्‍नर्इ स्थित घर पोएस गार्डन में हुआ था। काफी साल तक वह वहीं रहीं। लेकिन उन्‍हें भी पुलिस ने जया के पास नहीं जाने दिया। पुलिस ने दीपा से कहा कि जल्‍द ही उन्‍हें बुलाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जयललिता ने शादी नहीं की थी। इसके उनके परिवार में केवल ननिहाल पक्ष के ही लोग थे। जयललिता के भाई जयकुमार की 1990 में मौत हो गई थी। जया ने वीएन सुधाकरन को गोद ले रखा था। साल 1995 में उन्‍होंने सुधाकरन की भव्‍य शादी की थी। इस शादी के बाद ननिहाल पक्ष के रिश्‍तेदारों से भी उनकी दूरी बनती गई।

जया को रविवार (4 दिसंबर) को कार्डिएक अरेस्‍ट के चलते सीसीयू में भर्ती किया गया था। उन्‍हें ईसीएमओ और अन्‍य लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम पर रखा गया। अपोलो अस्‍पताल के डॉक्टर्स ने उनकी सेहत के बारे में लंदन के डॉक्‍टर सहित एम्‍स के विशेषज्ञों से भी सलाह ली। लेकिन अस्‍पताल के बयान के अनुसार, हर संभव क्लिनिकल उपचार के बावजूद तमिलनाडु की सीएम को बचाया नहीं जा सका। जया ने 74 दिन तक अस्‍पताल में भर्ती रहने के बाद सोमवार(5 दिसंबर) रात को अंतिम सांस ली। उन्‍हें 22 सितंबर को बुखार और शरीर में पानी की कमी की शिकायतों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीच में एक बार डॉक्‍टरों ने कहा था कि उनकी सेहत सुधर रही है। बताया जाता है कि बोलने की मशीन के जरिए वह मामूली संवाद भी करने लगी थीं। दो महीने से ज्‍यादा समय तक अस्‍पताल में रहने के दौरान सरकार से जुड़े फैसले वहीं से लिए गए। हालांकि जयललिता इसमें ज्‍यादा भूमिका नहीं निभा पा रही थीं। उनकी साथी शशिकला के अलावा वित्‍त मंत्री और अब मुख्‍यमंत्री बने पन्‍नीरसेल्‍वम की मुख्‍य भूमिका थी।

जयललिता जनता के बीच अम्‍मा के नाम से मशहूर हैं। उनके निधन के बाद तमिलनाडु में शोक है। यहां पर सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। कई जगहों पर उनके समर्थक विलाप कर रहे हैं। लेकिन संयोग देखिए कि अंतिम समय में उनके पास उनका कोई भी रिश्‍तेदार नहीं था। जया साल 2014 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल जाने के बाद से ही कमजोर हो गई थी। हालांकि इस केस में उन्‍हें बरी भी कर दिया गया लेकिन जया की सेहत गिरने लगी थी। वे अंदर से कमजोर हो चुकी थीं। सार्वजनिक रैलियों के दौरान मंच पर जाने के लिए वह एलिवेटर का इस्‍तेमाल करती थीं। वह बैठकर ही भाषण देती थीं।

बीमारी की अवस्‍था में ही जया ने इसी साल तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता। 32 साल बाद तमिलनाडु में ऐसा हुआ था कि कोई सरकार लगातार दूसरी बार बनी हो। उनसे पहले यह कमाल उनके गुरु एमजी रामचंद्रन(एमजीआर) ने किया था। चार बार चुनाव जीतकर छठीं बार मुख्‍यमंत्री बनने के बाद जया ने खुद को बड़े कामों से दूर कर लिया था। उनके करीबी नौकरशाह और विश्‍वस्‍त पन्‍नीरसेल्‍वम ही सरकार चला रहे थे। जेल से बाहर आने के बाद अम्‍मा बदल गईं थी। उन्‍हें ना तो जमानत और ना बरी होने से खुशी मिली।

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तमिलनाडु की अम्मा का निधन; राज्य में सात दिन का राजकीय शोक:

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