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जयललिता स्वास्थ्य मामला: अफवाहें फैलाने पर कार्यकर्ता और उसके सहयोगी पर मामला दर्ज

पुलिस जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें फैलाने के आरोप में पहले ही आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

Author चेन्नई/नई दिल्ली | Updated: October 22, 2016 1:42 PM
Jayalalithaa, AIADMK, Supreme Courtतमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे जयललिता। (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में कथित रूप से अफवाहें फैलाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ‘ट्रैफिक’ के आर रामास्वामी और उनकी सहयोगी फातिमा के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि धारा 153 (दंगा फैलाने की मंशा से जानबूझकर भड़काऊ चीज करना) समेत भादसं की विभिन्न संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें फैलाने के आरोप में पहले ही आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में जयललिता का इलाज चल रहा है। पुलिस ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस सिलसिले में वह पहले ही करीब 50 मामले दर्ज कर चुकी है।

जयललिता के बारे में अफवाह फैलाने का समाधान गिरफ्तारी नहीं है : मानवाधिकार आयोग

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एच. एल. दत्तू ने शुक्रवार (21 अक्टूबर) को कहा कि मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में अफवाह फैलाने के मुद्दे पर लोगों की गिरफ्तारी समस्या का कोई समाधान नहीं है और इससे निपटने के दूसरे रास्ते हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘लोगों को अभिव्यक्ति का मूलभूत अधिकार है। उच्चतम न्यायालय ने इस बारे में कई फैसले दिए हैं। हाल के फैसले में इसने इसे ठीक ठहराया है। और चाहे 500 हो या 505 (भादंसं की धारा), गिरफ्तारी समाधान नहीं हो सकता है। अफवाह फैलाने से रोकने के लिए दूसरे रास्ते हैं।’ जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में अफवाह फैलाने को लेकर तमिलनाडु में कई लोगों की गिरफ्तारी के परिप्रेक्ष्य में भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश का यह बयान आया है।

वह 1993 में गठित राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के स्थापना दिवस के अवसर पर यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। जयललिता को बुखार और शरीर में पानी की कमी की शिकायत के बाद 22 सितम्बर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद फेसबुक और व्हाट्सएप्प जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट पर उनके स्वास्थ्य के बारे में काफी अफवाहें फैलाई गई। उनका अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस ने अभी तक 43 मामले दर्ज किए हैं।

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