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राहुल गांधी की सुरक्षा में बड़ी चूक, एसपीजी से अलग हो भीड़ में फंसे कांग्रेस अध्‍यक्ष

जब राहुल गांधी पिछले दरवाजे के पास पहुंचे तो सीढ़ियों पर पहले से ही लोग जमा थे। भीड़ को देखते ही एसपीजी अधिकारियों के होश उड़ गये। लेकिन भीड़ और वीआईपी को देखते हुए वे कुछ भी करने में असमर्थ थे।

चेन्नई के राजाजी हॉल में भीड़ में फंसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो-पीटीआई 8 अगस्त 2018)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 8 अगस्त को जब डीएमके चीफ करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने चेन्नई के राजाजी हॉल पहुंचे थे उस दौरान एक बड़ी सुरक्षा चूक हुई थी। राहुल गांधी जब पिछले दरवाजे से राजाजी हॉल में प्रवेश कर रहे थे, उस वक्त भारी भीड़ और अफरातफरी की वजह से वे एसपीजी गार्ड्स के अलग हो गये। एसपीजी ने इस घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई है। राहुल गांधी को लगभग भीड़ को चिरते हुए आगे बढ़ना पड़ा इस दौरान एसपीजी ऑफिसर्स पीछे ही रह गये। बता दें कि इस दौरान वहां पहुंचने वाले किसी भी शख्स की चेकिंग नहीं हुई थी। इस लिहाज से एसपीजी अधिकारी और भी चिंतित थे। द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, “एसपीजी अधिकारियों ने हमें राजाजी हॉल में सुरक्षा खामियों के बारे में नहीं बताया था, हमलोगों ने उन्हें उन हालात के बारे में बताया जिससे ये गड़बड़ी पैदा हुई और लोग वीआईपी के नजदीक पुहंच गये, जैसे ही इस मुद्दे को उठाया गया हमने उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई।”

दरअसल राजाजी हॉल के पिछले दरवाजे में एक सीढ़ियों से आने की व्यवस्था की गई थी, ये सिर्फ वीआईपी, सेलिब्रेटीज और बड़े नेताओं के लिए था। जबकि पब्लिक को सरकारी मल्टी स्पेशियालिटी अस्पताल के मेन गेट से अंदर आना था। पीएम नरेंद्र मोदी के यहां से गुजरने के बाद भारी संख्या में उमडी भीड़ बैरिकेड को हटाकर पिछले दरवाजे के पास पहुंच गई। जब राहुल गांधी पिछले दरवाजे के पास पहुंचे तो सीढ़ियों पर पहले से ही लोग जमा थे। भीड़ को देखते ही एसपीजी अधिकारियों के होश उड़ गये। लेकिन भीड़ और वीआईपी को देखते हुए वे कुछ भी करने में असमर्थ थे।

जैसे ही राहुल गांधी आगे बढ़ने लगे, सुरक्षाकर्मियों के पसीने छूटने लगे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि राहुल को कदम कदम बढ़ाकर आगे बढ़ना पड़ा। आखिरकार एडीजीपी सुनील कुमार भीड़ को धक्का देकर उनके पास पहुंचे और उन्हें कवर दिया। बता दें कि इस पूरे इलाके में ना तो मेटल डिटेक्टर था और ना ही निगरानी हो रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि एसपीजी ने उन्हें वीवीआईपी की सही स्थिति के बारे में नहीं बताया, और न ही राजाजी हॉल के पास राहुल के पहुंचने से पहले तमिलनाडु पुलिस की क्लियरेंस ली गई थी। जब हालात बेकाबू हो गये तो, पुलिस कमिश्नर ए के विश्वनाथन, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस एमसी सारंगन और कुछ दूसरे पुलिस अधिकारियों ने कुछ कॉन्स्टेबल के साथ मोर्चा संभाला। बता दें कि आठ अगस्त को चेन्नई के राजाजी हॉल में करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पीएम समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और कई दूसरे वीवीआईपी नेता पहुंचे थे।

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