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भारत के इस शहर में पानी का ऐसा संकट, छुट्टी से वापस नहीं आ रहे लोग, दूसरी जगह हो रहे शिफ्ट!

2017 और 2018 में लगातार बारिश कम होने से भू-जल का स्तर भी गिर गया है। पिछले साल इन जिलों में 19 से 59 फीसदी तक कम बारिश हुई थी। चेन्नई में पानी की सप्लाई में मददगार चार बड़े स्रोत लगभग सूख चुके हैं।

Author चेन्नई | June 3, 2019 2:34 PM
जलसंकट की प्रतीकात्मक तस्वीर (एक्सप्रेस फाइल)

तमिलनाडु के कई इलाकों में इन दिनों भयंकर जलसंकट खड़ा हो गया है। राजधानी चेन्नई में तो हालात इतने बुरे हैं कि लोग थोड़े दिनों के लिए अपना आशियाना छोड़कर जाने के विकल्प ढूंढ रहे हैं। कुछ लोग इस किल्लत से बचने के लिए शहर से बाहर जाने, छुट्टियों से देरी से लौटने या पानी की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद लेकर शहर में एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट होने पर विचार कर रहे हैं। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई के कोडाम्बकम इलाके में लंबे समय से रह रहे 50 वर्षीय कैटरिंग संचालक अशोक कुमार अब केके नगर में शिफ्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें दिनभर में सिर्फ तीन घंटे पानी मिल पा रहा था। कई बार उस वक्त हम घर पर नहीं होते तो परेशानी और बढ़ जाती थी।’

2017 और 2018 में लगातार बारिश कम होने से भू-जल का स्तर भी गिर गया है। बीते दिनों राज्य सरकार ने चेन्नई और कांचीपुरम समेत 17 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। पिछले साल इन जिलों में 19 से 59 फीसदी तक कम बारिश हुई थी। चेन्नई में पानी की सप्लाई में मददगार चार बड़े स्रोत लगभग सूख चुके हैं।

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पेरुंगुड़ी निवासी एमएस श्रीकांत दो दिनों के लिए अपने एक रिश्तेदार के घर चले गए, इसके बाद वीकेंड पर वे बेंगलुरु में रहने वाली अपनी बहन के घर चले गए। अन्ना यूनिवर्सिटी में जॉब करने वाले श्रीकांत ने कहा, ’10 दिनों तक पानी नहीं होने के चलते मुझे अपने परिवार को शहर से दूर ले जाना पड़ा। इसके बाद भी मुझे पता चला कि बिल्डिंग में अभी भी पानी नहीं है। ऐसे में मुझे वापस आने से पहले ही यह सोचना पड़ा कि अगली बार कहां जाना है।’ पेरुंगुड़ी के ही रहने वाले के गोपाल भी केरल में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के यहां जा चुके हैं, ताकि पानी की किल्लत से बच सकें।

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