तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव किसी फिल्मी कहानी की तरह बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। बीती शाम एग्जिट पोल के आंकड़े जारी किए गए। आंकड़ों ने पूरे राज्य में नई पार्टी तमिलगा वेटी कझगम (टीवीके) को चर्चा में ला दिया है। एग्जिट पोल में सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके 120 सीटें तक मिलती हुई दिखाई दी है, जो किसी भी नई पार्टी के लिए चौंकाने वाली बात है।

एनडीटीवी-एक्सिस माय इंडिया ने चौंकाया

सबसे चौंकाने वाला एग्जिट पोल एनडीटीवी-एक्सिस माय इंडिया की ओर से आया, जिसने सी जोसेफ विजय की नई नवेली पार्टी टीवीके को 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। तमिलनाडु में कुल 234 विधानसभा सीटें है, और इन आंकड़ों की मानें तो टीवीके सत्ता के काफी करीब पहुंच गई है। इस पोल ने टीवीके को लगभग 35 फीसदी वोटर शेयर भी दिया है, जो सत्ताधारी डीएमके गठबंधन के बराबर है, जबकि एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन को 23 फीसदी वोट शेयर दिया।

बाद में घटाए आंकड़े

एग्जिट पोल के इन आंकड़ों ने राजनीतिक जगत में सनसनी मचा दी है। साथ ही लोगों को हैरत में भी डाल दिया है। एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता से जब इस बारे में पूछा गया कि उनके पोल में टीवीके के लिए इतनी बढ़ता क्यों दिखाई गई तो उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या घट सकती है और यह 70 तक आ सकती है।

अगर मान लें कि एक्सिस माय इंडिया के पोल में टीवीके के अनुमानित 35 फीसदी वोटर शेयर को 7 प्रतिशत बढ़ाकर बताया गया और अब इसे दो द्रविड गुटों में बांट दें तो फिर चुनावी नक्शा एकदम से बदल जाएगा। यानी डीएमके गठबंधन बढ़कर करीब 38.5 प्रतिशत तक पहुंच जाता और एआईएडीएमके गठबंधन 26.5 फीसदी पा जाता, जिससे टीवीके के वोट शेयर घटकर 28 फीसदी रह जाते।

ऐसे बदलाव दर्जनों सीटों पर फर्क डालते हैं

तमिलनाडु की फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम में इस तरह के बदलाव अक्सर दर्जनों सीटों का फर्क डाल देते हैं। राज्य में 10 प्रतिशत अंकों की बढ़त बनाने वाली कोई भी पार्टी अपने वोट शेयर को एक जबरदस्त बहुमत में बदल सकती है, खासकर तब, जब विरोधीदल सत्ता विरोधी वोटों को आपस में बांट लेते हैं।

यही वजह है कि कई दूसरे सर्वे ने डीएमके को ही जीतने का अधिक प्रबल दावेदार माना है, उन्होंने अनुमान लगाया है कि विजय की पार्टी टीवीके को जीरो से लेकर 40 सीटों के बीच जीत मिल सकती है।

हो सकता है कि विजय अपनी पार्टी टीवीके का खाता खुलवा दें और वोट शेयर और सीटों को दो अंकों तक पहुंचा दें, हालांकि यह अभी तक को नामुकिन लग रहा। लेकिन तमिलनाडु की राजनीति ठीक सिनेमा की तरह ही शुरुआती वीकेंड के आंकड़े हमेशा बॉक्स ऑफिस के अंतिम नतीजों का संकेत नहीं होते।

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पिछला एक हफ्ता चुनावी लिहाज से बीजेपी के लिए काफी अहम रहा क्योंकि दो राज्यों में बीजेपी अपनी पैठ बनाने के कोशिश कर रही है। एक राज्य दक्षिण भारत का है, यानी तमिलनाडु, जबकि दूसरा पूर्वी क्षेत्र पश्चिम बंगाल है। ये दोनों ही विपक्ष के वो अभेद्य किले रहे हैं, जिसमें बीजेपी अपनी कोई खास छाप नहीं छोड़ पाई, जबकि पूरे देश में उसका दबदबा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें