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टिक-टॉक एप लग सकता है बैन, तमिलनाडु सरकार ने उठाई मांग

पबजी गेम के बाद देश में टिक-टॉक एप का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है। काफी लोग इस एप पर अजीबो-गरीब वीडियो बनाने के चक्कर में चोटिल भी हो रहे हैं।

फोटो सोर्स- फाइनेंशियल एक्सप्रेस

पबजी गेम के बाद देश में टिक-टॉक एप का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है। काफी लोग इस एप पर अजीबो-गरीब वीडियो बनाने के चक्कर में चोटिल भी हो रहे हैं। ऐसे में तमिलनाडु के सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. मणिकंदन ने मंगलवार को सदन में कहा कि हमारी सरकार तमिलनाडु में टिक-टॉक एप को बैन करने की तैयारी कर रही है। मणिकंदन ने कहा कि हमारी सरकार इस मामले में केंद्र सरकार से आग्रह करेगी कि ब्लू वेल गेम की तरह इस एप को भी बैन किया जाए। इस वीडियो एप का इस्तेमाल तमिल संस्कृति को नीचा दिखाने के लिए किया जा रहा है।

एप बैन करने का दिया आश्वासनः एआईडीएमके के विधायक एम थमिमुन अंसारी ने सदन में चिंता जताते हुए कहा कि टिक-टॉक जैसे एप बच्चों और युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश में कानून-व्यवस्था जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। मणिकंदन ने कहा कि हम इस एप पर कार्रवाई करने के लिए मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाएंगे।

ये कहा अंसारी ने : इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान एआईडीएमके थमिमुन अंसारी ने बताया कि सऊदी अरब या चीन को देखें, इन सभी देशों में टिक-टॉक एप बैन हो चुका है। भारत को उसकी संस्कृति और सभ्यता के लिए जाना जाता है। टिक-टॉक एप में ज्यादातर वीडियो में अश्लील गानों और डांस को दिखाया जाता है। इसे लेकर काफी लोग परेशान हैं। वहीं, तमिल फिल्म और मीडिया इंडस्ट्री की सोशल मीडिया रणनीतिकार सोनिया अरुणकुमार ने कहा कि टिक-टॉक और डबस्मैश जैसे एप का इस्तेमाल ज्यादातर राजनेताओं की नकल या किसी नए फिल्मी गाने की नकल के लिए किया जाता है।

क्या कहा कांग्रेस ने : इस पूरे मामले पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू ने कहा कि इस एप का इस्तेमाल लोग अपने व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए करते हैं। यदि आपको इससे कोई समस्या है, तो इसे न देखें। उन्होंने कहा कि अगर हम सब कुछ मूल्यों के आधार पर बैन करेंगे तो कुछ भी नहीं बचेगा। ऐसे में बेहतर रहेगा कि एप को बैन करने की जगह एप से संबंधित कुछ नियम बना दिए जाएं।

क्या है टिक-टॉक एप : टिक-टॉक चीनी कंपनी बाइट डांस का एक एप है। इसके जरिए 15 सेकंड तक के वीडियो बनाकर शेयर किए जा सकते हैं। इस एप को चीन में सितंबर 2016 में लॉन्च किया गया था। साल 2018 में टिक-टॉक की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी। अब भारत में भी इस एप का क्रेज बढ़ रहा है।

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