भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तमिलनाडु में अपनी दो बड़ी महिला नेताओं को चुनाव के मैदान में उतारा है। पार्टी ने पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सौंदर्यराजन को मयलापुर से और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन को कोयंबटूर (उत्तर) से टिकट दिया है। इन दोनों नेताओं के लिए ही ये सीटें नई हैं।

मयलापुर चेन्नई के सबसे पुराने और सांस्कृतिक रूप से सबसे समृद्ध विधानसभा क्षेत्रों में से एक के रूप में जाना जाता है। अपनी गहरी ऐतिहासिक जड़ों और मजबूत धार्मिक पहचान के लिए मशहूर, यह निर्वाचन क्षेत्र बड़े पैमाने पर कवि-दार्शनिक तिरुवल्लुवर की विरासत से जुड़ा है, जिनके बारे में माना जाता है कि उनका जन्म यहीं हुआ था। यहां भाजपा उम्मीदवार सौंदर्यराजन का मुकाबला वर्तमान विधायक व द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रत्याशी धा वेलु से होगा। मुकाबले में पी. वेंकटरमणन (टीवीके) और आरएल अरुण अयंगर (एनटीके) भी हैं।

वर्ष 2021 में द्रमुक के धा वेलु ने अन्नाद्रमुक ने बदली चाल: 25 साल से पार्टी की मजबूत सीट BJP को दी, अविनाशी में केंद्रीय मंत्री और युवा डॉक्टर आमने-सामने के नटराज आर को 12,633 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। इससे पहले 2016 में अन्नाद्रमुक के नटराज आर (सेवानिवृत्त आइपीएस) ने कांग्रेस उम्मीदवार कराटे त्यागराजन आर को हराकर यह सीट जीती थी। उन्होंने 14,728 मतों के अंतर से जीत हासिल की, जो 9.43 फीसद की बढ़त थी।

सौंदर्यराजन ने प्रचार के दौरान कहा कि यह चेन्नई का दिल है। यह हमारी विरासत और संस्कृति को परिभाषित करता है। यहां के हर मंदिर का अपना एक इतिहास है। हम इस निर्वाचन क्षेत्र की विरासत को फिर से हासिल करना चाहते हैं। वहीं, मौजूदा विधायक वेलु ने कहा कि अगर वे दोबारा चुने जाते हैं, तो वे यातायात की समस्या को कम करने पर ध्यान देंगे।

वर्ष 2021 में कोयंबटूर (दक्षिण) से जीतीं वानथी श्रीनिवासन को भाजपा ने इस बार कोयंबटूर (उत्तर) से टिकट दिया है। कोयंबटूर (दक्षिण) विधानसभा सीट अन्नाद्रमुक के खाते में चली गई है। यहां श्रीनिवासन और द्रमुक के सेंथमिल सेल्वन के बीच मुकाबला होगा। टीवीके के वी संपथकुमार के मैदान में उतरने से इस मुकाबले में अनिश्चितता का एक नया पहलू जुड़ गया है।

यह विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण कोंगु बेल्ट का हिस्सा है जहां अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला राजग गठबंधन बड़ी बढ़त हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। श्रीनिवासन को अपनी पहचान और मजबूत जनाधार विशेष रूप से महिलाओं के बीच की वजह से थोड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। वहीं, जमीनी हकीकत यह बताती है कि यह मुकाबला किसी भी तरह से एकतरफा नहीं है।

श्रीनिवासन ने कहा कि हमारा चुनाव प्रचार बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए। मैं कोयंबटूर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मेरे लिए चुनाव संबंधी कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हर भाई-बहन का और साथ ही हमारी सहयोगी पार्टियों के सदस्यों का भी, तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं। श्रीनिवासन पैरों सूजन की वजह से अस्पताल में भर्ती हुई थीं।

कोयंबटूर (उत्तर) सीट से लगातार तीन बार से अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार जीत रहे हैं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों में, अन्नाद्रमुक के अर्जुनन ने 4,001 मतों के अंतर से यह सीट जीती। अर्जुनन को 81,454 मत मिले, जो कुल मतों का 40.16 फीसद था। उन्होंने द्रमुक के शनमुगसुंदरम वीएम को हराया, जिन्हें 77,453 मत (38.19 फीसद) मिले थे।

वर्ष 2016 में अन्नाद्रमुक के अरुण कुमार पीआरजी ने यह सीट जीती थी और उन्हें 77,540 मत मिले थे, जो कुल मतों का 41.05 फीसद था। द्रमुक के उम्मीदवार एस मीनालोगु को 69,816 मत (36.96 फीसद) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे। अरुण कुमार पीआरजी ने एस मीनालोगु को 7,724 मतों के अंतर से हराया।

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में कांग्रेस का ‘मॉडल कार्ड’, मछुआरों से लेकर महिला वोट तक साधने की रणनीति

चुनावी राज्यों में कांग्रेस कर्नाटक हिमाचल और तेलंगाना माडल को पेश कर वोट जुटाने में लगी है। तमिलनाडु के किसानों के बीच कांग्रेस यह माडल लेकर पहुंची है और मत्स्य उत्पादन को बढ़ा मुद्दा बना रही है। इसके पीछे हिमाचल में जलाशयों से प्राप्त सौ रुपए किलोग्राम की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का पूर्ण वादा बताया जा रहा है, जिसे हिमाचल प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए पूरा किया है। माना जा रहा है जिन सीट पर कांग्रेस तमिलनाडु में मैदान में है, उसे इस वादे का लाभ मिल सकता है। अन्य दल भी यहां मत्स्य पालन योजना को लेकर मैदान में है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना को आधार बनाया जा रहा है। इस योजना में केंद्र सरकार करीब सौ करोड़ की योजना लेकर आई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक