तमिलनाडु विस चुनाव में बार-बार उम्मीदवार बदल रही हैं पर्टियां - Jansatta
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तमिलनाडु विस चुनाव में बार-बार उम्मीदवार बदल रही हैं पर्टियां

डीएमडीके प्रमुख विजयकांत की ओर से उलूनथरपेट विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद पीएमके ने भी मंगलवार इस सीट से अपने उम्मीदवार बदलने की घोषणा की।

Author चेन्नई | April 19, 2016 11:52 PM
डीएमडीके प्रमुख विजयकांत (फाइल फोटो)

तमिलनाडु में 19 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक और द्रमुक अपने उम्मीदवारों की सूची में बार बार बदलाव कर रहे हैं। यही नहीं डीएमडीके प्रमुख विजयकांत की ओर से उलूनथरपेट विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद पीएमके ने भी मंगलवार इस सीट से अपने उम्मीदवार बदलने की घोषणा की। पार्टी के अध्यक्ष जी के मणि ने एक विज्ञप्ति में उलूनथरपेट विधानसभा सीट के लिए पार्टी के प्रवक्ता के बालू के नाम की घोषणा की। वह एक अधिवक्ता हैं और नियमित रूप से टीवी चैनलों में वाद-विवाद कार्यक्रम में शामिल होते हैं।

इससे पहले पीएमके पार्टी ने आर राममूर्ति को इस विधानसभा सीट पर उतारा था, लेकिन पार्टी प्रमुख ने उनकी जगह अब के बालू को इस सीट का उम्मीदवार घोषित कर दिया। बालू के नामांकन को पीएमके संस्थापक एस रामदास एवं उनके पुत्र और पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अंबुमणि ने मंजूर कर लिया। उल्लेखनीय है कि यह सीट आने वाले विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक, द्रमुक, डीएमडीके और पीएमके के बीच चतुष्कोणीय मुकाबले के लिए तैयार है।

अन्नाद्रमुक ने पिछले चुनाव में भी अपने प्रत्याशियों की सूची में कई बार फेरबदल किया था। इस बार यह प्रवृत्ति अपनी ठोस योजना के लिए जानी जाने वाली द्रमुक में भी देखी जा रही है। अब तक अन्नाद्रमुक अपने प्रत्याशियों की सूची की छह बार समीक्षा कर चुकी है। उसकी पहली सूची का ऐलान इसी माह के शुरू में हुआ था। एम करुणानिधि की अगुवाई वाली द्रमुक ने अरक्कोनम और शोलावंदन सुरक्षित सीटों के साथ साथ ओरथनाडु सीट पर भी अपने प्रत्याशी बदले हैं। लेकिन अब उसने ऐलान किया है कि मणिथानेय मक्कल काट्ची (एमएमके) को आवंटित उलुनथरपेट सीट पर भी वह अपना उम्मीदवार उतारेगी।

पार्टी का मुकाबला डीएमडीके के संस्थापक विजयकांत से है जिन्होंने करुणानिधि के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे बंद कर दिए। करुणानिधि को विजयकांत की पार्टी से गठबंधन की उम्मीद थी लेकिन अभिनय की दुनिया से राजनीति में आए विजयकांत ने चार दलीय ‘पीपुल्स वेलफेयर फ्रंट’ (पीडब्ल्यूएफ) के साथ जाना बेहतर समझा।

अन्नाद्रमुक प्रमुख जे जयललिता ने चार अप्रैल को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी जिसके बाद से अब तक छह बार पार्टी अपने उम्मीदवारों में बदलाव कर चुकी है। नवीनतम बदलाव सोमवार ही हुआ है। पिछले चुनावों में भी जयललिता कोई कारण बताए बिना प्रत्याशियों को बदलती रही हैं। द्रमुक और अन्नाद्रमुक प्रत्याशियों को बदलने का कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताते लेकिन समझा जाता है कि ऐसे मामलों में स्थानीय कारकों की अहम भूमिका रहती है।

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