‘मैं तमिल हूं कन्नड़ नहीं’, जयललिता के इस बयान के बाद उन्हें मारने के लिए पहुंच गई सैकड़ों की भीड़

छह बार तमिलानाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता के लिए यह सफर आसान नहीं था। कन्नड़ समुदाय से आने वाली अम्मा के लिए ये रास्ता मुश्किलों से भरा हुआ था।

Jayalalitha first film
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री स्व. जयललिता (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

तमिलनाडु की अम्मा यानि जयललिता की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। जयललिता तमिलनाडु मुख्यमंत्री के तौर पर छह बार सत्ता की मुखिया रहीं, लेकिन शुरुआती जिंदगी उनकी कम मुश्किलों से भरी हुई नहीं थी। एक बार तो भाषा विवाद में उन्हें लोग मारने के लिए दौड़ पड़े थे।

जयललिता राजनीति में आने से पहले फिल्म इंडस्ट्री में थीं। उनकी मां भी फिल्म लाइन में ही थीं। जयललिता जब 16 साल की थीं तब उन्होंने अपनी पहली फिल्म साइन की थीं और इसी फिल्म की शुटिंग के दौरान कन्नड़ लोग उनसे नफरत करने लगे थे।

कैसे मिली पहली फिल्म

किताब अम्मा वासंती के अनुसार फिल्म कर्णन का सौवें दिन का समारोह मनाया जा रहा था। जिसमें जयललिता की मां संध्या ने अभिनय किया था। जयललिता की मैट्रिक की परीक्षा हो चुकी थी और कॉलेज 2 महीने बाद शुरू होने वाला था। इस पार्टी के लिए संध्या ने अपनी बेटी को भी साथ में लिया।

पहली बार जब जयललिता ने साड़ी पहनी और पार्टी में पहुंचीं तो सभी की निगाहें उन्हीं पर टिकी थी। जब पार्टी खत्म हो गई, मेहमान जाने लगे तब प्रोड्यूसर बी आर पंथुलु ने संध्या से कहा कि वो उनकी बेटी को बतौर नायिका अपनी अगली कन्नड़ फिल्म में लेना चाहते हैं। पंथुलु के इस ऑफर से मां और बेटी दोनों चौंक गए।

संध्या अपनी बेटी को फिल्मों में ना लाने की सोच रही थी और सामने से उसी के लिए फिल्म का ऑफर हो रहा था। संध्या ने पंथुलु से कहा कि 2 महीने बाद जयललिता का कॉलेज शुरू होने वाला है। प्रोड्यूसर ने भरोसा दिलाया कि इसी दो महीने में शुटिंग पूरी हो जाएगी। तब संध्या ने कहा कि वो एक बार अपनी बेटी की राय जानना चाहती हैं। पूछने पर जयललिता ने तुरंत ही हामी भर दी। बेटी का जवाब सुनकर संध्या चौंक गई।

शुटिंग के दौरान की कहानी

जयलिलता की हामी की देर थी कि शुटिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई। शुटिंग के सिलसिले में उन्हें तुरंत मैसूर रवाना होना पड़ गया। यहीं पर वो घटना घटी जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। दरअसल जयललिता कर्नाटक के मंडियम अंयगर समुदाय से संबंध रखती थीं, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद को तमिल बता दिया। क्योंकि उनकी मां श्रीरंगनम से थीं।

उनके इस बयान से कर्नाटक का कन्नडिगा समुदाय के लोग खासे नाराज हो गए। ये समुदाय उन्हें अपना मानता था। कन्नडिगा समुदाय से जयललिता को धमकियां मिलने लगी। हाल ये हुआ कि उनका दशहरा प्रोग्राम में तय नृत्य का प्रोग्राम भी कैंसिल हो गया, लेकिन अपने लिए गए फैसलों पर टिके रहने वाली जयललिता ने ना तो ये बयान वापस लिया और ना ही सफाई दी।

कन्नडिगा समुदाय को जब पता चला कि जयललिता मैसूर में शूटिंग कर रही हैं तो उन्हें मारने के लिए दर्जनों की संख्या में पहुंच गए। स्टूडियो मैनेजर को जब पता चला कि करीब 100 लोग जयललिता को मारने आ रहे हैं तो उन्होंने सारे गेट बंद करवा दिए, लेकिन तबतक कुछ लोग गेट के ऊपर से कूदकर अंदर घुस आए थे।

मैनेजर ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, कन्नड़ में समझाया लेकिन वो लोग अड़े रहे कि जयललिता अपने बयान के लिए माफी मांगे, लेकिन जयललिता तो जयललिता थीं, तनिक भी विचलित हुए बिना कन्नडिगा समुदाय के लोगों से शुद्ध कन्नड़ में कहा- मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है, मैं भला किस बात की माफी मांगू, मैं एक तमिल हूं ना कि कन्नडिगा।

अभी ये विवाद चल ही रहा था कि इतने में पुलिस भी वहां पहुंच गई। जयललिता के तेवर देख और पुलिस द्वारा समझाने के बाद कन्नडिगा समुदाय के लोग वहां से चले गए। अगले दिन के तमाम तमिल अखबारों में जयललिता के तेवर और बयान सुर्खियों में रहे। जयललिता के इसी तमिल प्रेम ने बाद में उन्हें तमिलनाडु की अम्मा बना दिया और राजनीति में उन्होंने उस मुकाम को हासिल कर लिया, जहां अभी तक कोई भी दक्षिण भारतीय महिला नहीं पहुंच पाई है।

पढें राज्य समाचार (Rajya News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।