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मध्य प्रदेशः मां-बेटी को उफनते नालों का सेल्फी लेना पड़ा भारी, उफान में बहने से तीन लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से नर्मदा, क्षिप्रा, काली सिंध, बेतवा, ताप्ती, तवा, चम्बल, पार्वती, केन, सोन, शिवना इत्यादि नदियां और नाले उफान पर हैं। इससे प्रदेश के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।

Author भोपाल | August 15, 2019 8:11 AM
मध्य प्रदेश में हो रही है लगातार बारिश (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

मध्य प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर पिछले 24 घंटों में जमकर बारिश हुई, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। इन उफनते नालों में बुधवार (14 अगस्त) की सुबह मंदसौर जिले में मां-बेटी सहित तीन लोगों की बहने से उनकी मौत हो गई। बता दें कि मां-बेटी नाले में सेल्फी लेने के चक्कर में बह गईं। वहीं, भारी बारिश के कारण प्रदेश में कई जगहों पर सड़क यातायात अवरुद्ध होने के साथ ही कई निचले हिस्से जलमग्न हो गए जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मानसून सक्रिय रहा तथा लगभग सभी संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा हुई।

सेल्फी लेने के चक्कर में हुई मौतः मंदसौर के पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने ‘भाषा’ को बताया कि मंगलवार (14 अगस्त) के रात से हो रही भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में शासकीय महाविद्यालय मंदसौर के प्रोफेसर आर डी गुप्ता अपनी पत्नी बिंदु (42) और पुत्री आकृति (20) के साथ सुबह पानी का दृश्य देखने मंदसौर में गांधीनगर कॉलोनी के नजदीक स्थित उफनते नाले के पास गए। वहां सेल्फी लेने के चक्कर में पांव फिसलने से तीनों लोग बह गए।

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जानलेवा बन रही है उफानेः चौधरी ने बताया कि प्रोफेसर गुप्ता को वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया, लेकिन उनकी पत्नी बिंदु और पुत्री आकृति की बहने से मौत हो गई। दोनों के शवों को कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया। वहीं, मंदसौर कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि एक अन्य घटना में मंदसौर जिले के ग्राम बड़वन में उफनते नाले को मोटरसाइकिल से पार करते वक्त दूध विक्रेता बापूलाल धाकड़ सुबह मोटरसाइकिल सहित पानी में बह गया। उसका शव करीब एक किलोमीटर दूर जाकर मिला। उन्होंने कहा कि इस बारिश से मंदसौर जिले के मल्हारगढ़, मंदसौर तहसील तथा मंदसौर शहर प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों से करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर सात राहत शिविरों में ठहराया गया है।

अगले 24 घंटों में हो सकती है भारी बारिशः पुष्प ने बताया कि शिवना नदी में आई बाढ़ का पानी प्रसिद्ध पशुपतिनाथ महादेव के मंदिर में घुस गया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। बता दें कि 10-12 गांवों में मकान गिरने या आंशिक नुकसान की सूचना है। वहीं अभी पानी उतर रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। नाव आदि साजो सामान के साथ होमगार्ड जवान रतलाम से बुलाए गए हैं। इसके अलावा, यहां के होमगार्ड जवानों को भी राहत के काम में लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के इंदौर, धार, खंडवा, नीमच, मंदसौर, आगर और भोपाल सहित 36 जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और कहीं-कहीं पर अति भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।

भारी बारिश से सभी नदियां उफान परः मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से नर्मदा, क्षिप्रा, काली सिंध, बेतवा, ताप्ती, तवा, चम्बल, पार्वती, केन, सोन, शिवना इत्यादि नदियां और नाले उफान पर हैं। इससे प्रदेश के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। मौसम केन्द्र भोपाल द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के गोटेगांव में सबसे अधिक 16 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि रीवा में 15 सेंटीमीटर, गंजबासोदा और सतना में 12-12 सेंटीमीटर, विदिशा में 11 सेंटीमीटर तथा तराना एवं गुढ़ में 10-10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

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