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राजस्थान : चिकित्सा विभाग की पूर्व अधिकारी समेत 178 को स्वाइन फ्लू, नए साल में अब तक 8 की मौत

राज्य में शनिवार को जो 58 केस सामने आए उनमें 21 अकेले जोधपुर से हैं। वहीं इस दिन मरने वाले चार लोगों में भी तीन अकेले जोधपुर से रहे।

एच-1एन-1 वायरल से फैलता है स्वाइन फ्लू (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

राजस्थान में अब स्वाइन फ्लू का कहर शुरू हो गया है। स्वाइन फ्लू के पीड़ितों में आम आदमी ही नहीं बल्कि चिकित्सा विभाग में कार्यरत रही आईएएस अधिकारी भी शामिल है। राज्य में अब तक स्वाइन फ्लू के लक्षणों वाले 178 मरीज सामने आ चुके हैं। दिन-ब-दिन यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को चार और लोगों ने दम तोड़ दिया। इस साल अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। 2015 में राजस्थान में स्वाइन फ्लू के चलते मौतों का रिकॉर्ड टूट गया था। उस साल कुल 6859 केस सामने आए थे जिनमें से 472 की मौत हो गई थी। इसके बाद 2017 में मौतों का आंकड़ा 280 तक पहुंचा था, जबकि पिछले साल भी 225 लोगों की मौत हुई थी।

एक ही दिन में 58 नए केसः रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान में शनिवार को 58 लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए। इसी के साथ मौजूदा सीजन में स्वाइन फ्लू के पीड़ितों की संख्या बढ़कर 178 तक पहुंच गई है। रोकथाम के लिए सरकार के इंतजाम अब तक तो नाकाफी साबित हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पिछली सरकार में एक भाजपा विधायक की भी स्वाइन फ्लू के चलते मौत हो गई थी।

जोधपुर का सबसे बेहाल, जयपुर ने चौंकायाः राज्य में शनिवार को जो 58 केस सामने आए उनमें 21 अकेले जोधपुर से हैं। वहीं इस दिन मरने वाले चार लोगों में भी तीन अकेले जोधपुर से रहे। पिछले पांच दिनों में यहां छह लोगों की मौत स्वाइन फ्लू के चलते हो चुकी है। इसके अलावा कोटा और उदयपुर में भी एक-एक की मौत हो गई। वहीं राजधानी जयपुर में भी शनिवार के ही दिन 15 केस सामने आए। हैरानी की बात यह है कि जयपुर के स्वाइन फ्लू पीड़ितों में आईएएस अधिकारी वीनू गुप्ता भी शामिल हैं। गुप्ता कुछ दिनों पहले तक चिकित्सा विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थीं। फिलहाल वे पीडब्ल्यूडी में कार्यरत हैं।

स्वाइन फ्लू पर डॉक्टरों की सलाहः डॉक्टरों के मुताबिक तापमान में ज्यादा गिरावट के चलते सांस लेने की प्रक्रिया में समस्या होती है और श्वसन तंत्र कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत होने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से कुछ कदम उठाए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर 0141-2225624, 2225000, टोल फ्री- 104 और 108 भी जारी किए गए हैं।

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